मिनी जू रेणुकाजी में दिखेंगे चिंकारा।
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हिमाचल प्रदेश के मिनी जू रेणुकाजी में जल्द नई प्रजाति के कुछ अन्य जानवरों को लाया जाएगा। यहां शीघ्र ही चिंकारा (हिरन प्रजाति), मगरमच्छ और कई प्रजाति के सांपों को पर्यटकों के आकर्षण के लिए लाया जाएगा। दरअसल, मिनी जू रेणुकाजी का स्तरोन्नत करने की योजना है। नई प्रजातियों के जानवरों की संभावनाएं तलाशने के लिए वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को वन्य प्राणी विहार रेणुकाजी का दौरा किया। साथ ही इन प्रजातियों को रखने के लिए पिंजरों के निर्माण को लेकर भूमि का चयन किया। वन्य प्राणी विभाग के अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल राजीव कुमार के नेतृत्व में रेणुकाजी पहुंची टीम ने मिनी जू में लाई जाने वाली नई प्रजातियों की संभावनाओं के साथ-साथ जू का स्तरोन्नत करने के लिए कई भी कई पहलुओं का जायजा लिया।
राजीव ने बताया कि मिनी जू रेणुकाजी के सुधार व स्तरोन्नत को लेकर एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसमें कुछेक नई चीजों को शामिल किया जाना है। यहां जानवरों की नई प्रजातियां को स्थापित करने की योजना तैयार की जा रही है। इसको एप्रुवल के लिए सीजेडए (केंद्रीय जू प्राधिकरण) को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि रेणुकाजी में टाइगर के जोड़े को लाने के लिए सीजेडए की स्वीकृति मिल गई है। केवल बाडे़ (एन्क्लोजर) के बनने का ही इंतजार है। टेंडर अवार्ड होते ही निर्माण को प्रगति दी जाएगी। मई माह तक यहां टाइगर के जोड़े को भी लाया जाएगा। इस मौके पर वन्य प्राणी विभाग के मुख्य अरण्यपाल के थुरमूल, कार्यवाहक डीएफओ अनीता भारद्वाज और आरओ नंदलाल ठाकुर मौजूद रहे।
मिनी जू से हटाई जाएगी लेंटाना, यूपोरेशियम घास
मिनी जू के दौरे पर पहुंची टीम ने यहां फैली लेंटाना और युपोरेशियम घास को उखाड़ने का भी निर्णय लिया। ये दोनों घास पर्यावरण समेत वनस्पति को नुकसान पहुंच रही हैं। इसके साथ साथ जानवरों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।