चीन स्थित ब्रिक्स बैंक ने तकनीकी कारणों से पानी की परियोजनाओं का पैसा रोक दिया है। विधानसभा सदन में यह जानकारी जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने दी। कहा कि ब्रिक्स का दफ्तर शंघाई में है। वहां 698.93 करोड़ से कुछ भी नहीं दिया गया है। ब्रिक्स से ऋण लिया जाना है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने महेंद्र सिंह पर निशाना साधा कि वह ब्रिक्स योजना का ज्यादातर पैसा धर्मपुर और सिराज के लिए ले गए। दूसरी ओर, मंत्री संतुलित विकास की बात कर रहे हैं।
जल शक्ति मंत्री ने पलटवार किया कि जब कांग्रेस के लोग इस ओर थे तो उस वक्त नाबार्ड का पैसा अपने हलके के लिए ले गए थे। उस वक्त अग्निहोत्री अपने यहां पचास करोड़ ले गए थे। महेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव से इस परियोजना के बारे में बात हुई है। उन्हीं ने परियोजना में तकनीक पेच की बात की है।
प्रश्नकाल के बाद मुकेश ने कहा कि 269.74 करोड़ के इस योजना में जो एडवांस्ड टेंडर लगा गए हैं, उसमें 190 करोड़ मंत्री अपने क्षेत्र धर्मपुर, सीएम जयराम के हलके सिराज और सुंदरनगर के भाजपा विधायक राकेश जम्वाल के क्षेत्र में ही खर्च कर रहे हैं। इस पर मंत्री महेंद्र सिंह ने कांग्रेस पर ही अपने शासनकाल में भेदभाव के आरोप लगाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग ने 698.93 करोड़ रुपये की परियोजनाएं अनुमोदित करके ब्रिक्स के लिए वित्तपोषण को भेजी हैं, मगर अभी पैसा नहीं आया है। यह परियोजनाएं कांग्रेस के वक्त शुरू हुई पर कांग्रेस ने इन पर कुछ नहीं किया।