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चीन के बनावटी फूलों ने बरबाद कर दिए हिमाचल के किसान

Wed, 30 May 2018 12:54 PM IST
घनश्याम ठाकुर, अमर उजाला, चैलचौक (मंडी)
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दिल्ली समेत अन्य राज्यों की फूल मंडियों में चीन के बनावटी फूल हिमाचल के प्राकृतिक फूलों पर भारी पड़ गए हैं। इसके चलते हिमाचल के किसान-बागवान परेशान हैं। बनावटी फूल आ जाने से प्राकृतिक फूलों की मांग घट गई है, जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही है।

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हालत यह है कि दिल्ली फूल मंडी तक जाने का खर्च भी पूरा नहीं हो रहा है, जिससे किसान दिल्ली न भेजकर खेतों में फेंक रहे हैं। सिराज, नाचन समेत पूरे प्रदेश से करोड़ों का फूल भेजा जाता है, मगर दिल्ली में फूलों की मांग न के बराबर होने के कारण किसानों को इसका उचित दाम नहीं मिल पा रहा है।

दिल्ली में जो फूलों का एक बंडल सीजन में 100 से 200 रुपये तक बिकता था, वह आजकल 10 रुपये में बिक रहा है। फूलों की एक पेटी दिल्ली तक भेजने का खर्च करीब 800 रुपये होता है, जबकि आजकल दिल्ली में फूल की एक पेटी 600 रुपये तक बिक रही है, जिससे किसानों को घाटा हो रहा है। 

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फायदे का सौदा नहीं रहा फूलों का कारोबार

भूपेंद्र पाल, रूप सिंह, प्रेम सिंह, नेक राम, तुलसी राम, ठाकर दास,  अजय कुमार,  इंद्र सिंह, खूबे राम, अमर सिंह, बालकृष्ण, हीरा लाल,  मात राम समेत कई किसानों ने बताया कि दिल्ली में चीन से बनावटी फूल आने से सजावट करने वाले लोग उन फूलों को खरीद रहे हैं। बनावटी फूलों की कीमत कम होती है और कई महीनों तक चलते हैं।

इससे नेचुरल फूलों की खरीदारी बहुत कम हो रही है। बीते दिनों सिराज दौरे के दौरान किसानों ने सीएम को धरोट में इस समस्या के बारे में अवगत करवाया था। किसानों की इन परेशानियों को लेकर एक पत्र भी मुख्यमंत्री जयराम को सौंपा था।

मणिमहेश लॉजिस्टिक ग्रुप के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार ने बताया कि किसानों ने मांग की है कि चीन से आ रहे बनावटी फूलों पर बहुत अधिक टैक्स लगाया जाए अन्यथा इसको देश में पूर्ण रूप से बंद किया जाए।

भूपेंद्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रहे हैं, मगर यहां दोगुनी होने के बजाय घाटा हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसानों की इस समस्या का हल नहीं निकाला गया तो किसानों का पैसा डूब जाएगा, जिससे फूलों की खेती छोड़ने पर भी मजबूर होना पड़ेगा।
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