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Himachal: 30 सितंबर तक तय उम्र पूरी करने वाले बच्चों को सत्र शुरू होते ही मिलेगा प्रवेश, निर्देश जारी

Thu, 12 Mar 2026 07:44 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में नर्सरी से पहली कक्षा तक प्रवेश के लिए लागू आयु मानदंड को लेकर उठ रहे सवालों के बीच हिमाचल सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिस शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश लिया जाना है, उस वर्ष 30 सितंबर तक निर्धारित आयु पूरी करने वाले बच्चों को उसी सत्र की शुरुआत से संबंधित कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।
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नई शिक्षा नीति। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में नर्सरी से पहली कक्षा तक प्रवेश के लिए लागू आयु मानदंड को लेकर उठ रहे सवालों के बीच हिमाचल सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिस शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश लिया जाना है, उस वर्ष 30 सितंबर तक निर्धारित आयु पूरी करने वाले बच्चों को उसी सत्र की शुरुआत से संबंधित कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में जारी निर्देशों में कहा है कि विभाग को फील्ड अधिकारियों, स्कूलों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों से लगातार प्रश्न प्राप्त हो रहे थे। इन प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए सरकार स्तर पर मामले की विस्तार से समीक्षा की गई और अब प्रवेश व पदोन्नति से जुड़ी प्रक्रिया को स्पष्ट कर दिया गया है। निर्देशों के अनुसार यदि कोई बच्चा संबंधित कक्षा के लिए निर्धारित आयु 30 सितंबर तक पूरी कर लेता है, तो उसे उसी शैक्षणिक सत्र के आरंभ से प्रवेश दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी बच्चे की जन्मतिथि 15 अप्रैल 2023 है और वह 2026-27 सत्र में बालवाटिका एक में प्रवेश लेना चाहता है, तो वह प्रवेश के लिए पात्र होगा।

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कारण यह है कि वह 15 अप्रैल 2026 को तीन वर्ष से अधिक आयु पूरी कर लेगा, जो 30 सितंबर 2026 से पहले है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई बच्चा वर्तमान सत्र 2026-27 में किसी प्री-प्राइमरी कक्षा में पहले से पढ़ रहा है और वह 30 सितंबर 2026 तक अगली कक्षा के लिए निर्धारित आयु पूरी कर लेता है, तो उसे आयु के अनुसार अगली कक्षा में प्रवेश दिया जा सकेगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी बच्चे की जन्मतिथि 25 अगस्त 2020 है और वह इस समय बालवाटिका दो या बालवाटिका तीन में पढ़ रहा है, तो वह कक्षा पहली में प्रवेश के लिए पात्र होगा क्योंकि वह 30 सितंबर 2026 से पहले 6 वर्ष से अधिक आयु पूरी कर लेगा। हालांकि ऐसी स्थिति में अभिभावकों की सहमति अनिवार्य होगी। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि नर्सरी और बालवाटिका एक से पहली कक्षा तक प्रवेश के लिए संशोधित आयु मानदंड और 30 सितंबर की कट-ऑफ तिथि राज्य के सभी स्कूलों पर अनिवार्य रूप से लागू होंगे। इसमें सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूल शामिल हैं।
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नियम तोड़ने पर उपनिदेशकों को करें शिकायत
यदि कोई स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करता है तो प्रभावित अभिभावक संबंधित जिले के उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा के पास अपील कर सकते हैं। विभाग के अनुसार उपनिदेशक का निर्णय सभी स्कूलों के लिए अंतिम और बाध्यकारी होगा। शिक्षा विभाग ने सभी अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी स्कूल की ओर से नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ आरटीई हिमाचल प्रदेश नियम-2025 में कार्रवाई की जाएगी।
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