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हिमाचल विस बाल सत्र: नशे के मुद्दे पर तपा विधानसभा का बाल सत्र, विपक्ष ने वेल में आकर की नारेबाजी

Mon, 12 Jun 2023 08:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

बाल मुख्यमंत्री जाह्नवी ने कहा कि नशे के बढ़ते कारोबार से हम भी दुखी हैं। इंतजार करें, जल्द ही व्यवस्था बदली जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा बाल सत्र। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित बाल सत्र प्रदेश में नशे के बढ़ते प्रचलन पर खूब तपा। विपक्षी सदस्यों ने वेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राज्य सरकार पर झूठे आश्वासन देने का आरोप लगाते हुए विपक्षी सदस्यों ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के जवाब पर असंतोष जताया।

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वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने पर विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों को फटकार लगाते हुए नियमों का हवाला दिया। इस अवसर पर बाल मुख्यमंत्री जाह्नवी ने कहा कि नशे के बढ़ते कारोबार से हम भी दुखी हैं। इंतजार करें, जल्द ही व्यवस्था बदली जाएगी। प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और पेपर लीक से जुड़े मामले उठाकर सदन की कार्यवाही को खूब गरमाया।



विपक्षी सदस्य तनवी शर्मा ने पूछा कि प्रदेश में बच्चों में बढ़ रहे नशे के प्रयोग को कम करने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। प्रदेश में कितने नशा मुक्ति केंद्र खोले गए हैं। जवाब में उपमुख्यमंत्री तुषार आनंद ने कहा कि प्रदेश में 91 नशा मुक्ति केंद्र हैं। जिला हमीरपुर में पांच, कांगड़ा में 15, बिलासपुर में 1, चंबा-किनौर-लाहौल स्पीति में 0, सिरमौर में चार, सोलन में 22, कुल्लू-मंडी में तीन-तीन, शिमला में 13 और ऊना में 25 नशा मुक्ति केंद्र हैं।
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अनुपूरक सवाल करते हुए सदस्य साहिल कपूर ने पूछा कि शिमला, सोलन, सिरमौर, कांगड़ा में नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या अधिक क्यों है। जवाब में बाल मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊना, सोलन और कांगड़ा की सीमा पंजाब राज्य से लगती है। इन क्षेत्रों में चिट्टा की तस्करी अधिक है। शिमला राज्य का केंद्र है, यहां 13 केंद्र हैं। इस पर बाल नेता विपक्ष ने कहा कि अपनी नाकामयाबी के लिए सरकार कब तक खानापूर्ति करेगी।

खुद को बचाने के लिए सरकार सिर्फ एक-दो तस्करों को गिरफ्तार कर रही है। आज चिट्टा की बात ऐसी हो रही है जैसे मोमोज की बात हो। बच्चों को घरों से बाहर निकालने से अभिभावक डर रहे हैं। झूठे आश्वासनों से सरकार प्रदेश की जनता को कब तक बेवकूफ बनाएगी। बाल सीएम ने इस बारे में ठोस कार्यवाही की मांग करती हूं।

यह आश्वासन की सरकार
विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीट से उठकर कहा कि यह आश्वासन की सरकार है। बच्चों के भविष्य से सरकार खिलवाड़ कर रही है। बाल विधानसभा अध्यक्ष लविश नेगी ने सदस्यों को शांत करते हुए बाल सत्र की कार्यवाही को स्थगित करने की चेतावनी दी। माहौल शांत होने पर बाल मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता विपक्ष को मेरा जवाब चाहे खानापूर्ति लगे, लेकिन हम नशे के खिलाफ सख्ती से निपटने का कार्य कर रहे हैं।

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