अपने घर के खोए चिराग के मिलने की उम्मीद टूट गई थी। हर दर पर माथा टेका। प्रशासन के सामने गिड़गिड़ाए लेकिन कहीं से उनके लाडले का कोई सुराग नहीं लगा।
थक हार कर उसकी सलामती की दुआ मांगने के अलावा उनके पास दूसरा कोई चारा नहीं था। लेकिन शिमला पुलिस ने जब उनके खोए बेटे सोनू के सुरक्षित होने की बात कही तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना न रहा।
आगरा से सोनू को लेने उसके पिता और मामा बुधवार को शिमला पहुंचे। उसे देखकर अपने आंसू नहीं रोक पाए। शिमला पुलिस का हार्दिक धन्यवाद किया।
तेरह साल का सोनू करीब आठ माह पहले घर से भाग कर शिमला पहुंचा। यहां वह टूटीकंडी आश्रम में रह रहा था। उसने खुद को आगरा के समीप धड़ीधानसी थाना नसीबपुर डाकघर गुणा का रहने वाला बताया।
पुलिस की मानव व्यापार निरोधक इकाई की टीम के सदस्यों एसआई विजय शर्मा, एएसआई प्रदीप कुमार, हेडकांस्टेबल रंजना, कृष्ण चंद भंडारी, अमर सिंह और दीपक ने जब तक सोनू के घर का पता नहीं लगाया तब तक चैन से नहीं बैठे।
एएसपी सौम्या ने कहा कि बुधवार को सोनू को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।