अप्रैल से दिसंबर तक की बच्चों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत केंद्र सरकार के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला शिमला में अप्रैल से दिसंबर 2025 तक सभी दस ब्लॉकों में मोबाइल हेल्थ की 14 टीमों ने 0 से 18 साल तक के आयु वर्ग के 71, 679 बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जांच की। इनमें से 284 बच्चों में जन्मजात विकृतियां पाए जाने पर उन्हें उपचार के लिए जिला अर्ली इंटरवेंशन सेंटर आईजीएमसी और चमियाना अस्पताल में पहुंचाया गया।
जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. यशपाल रांटा और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला इंचार्ज डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम में अप्रैल से दिसंबर माह तक 14 अलग-अलग टीमों में प्रति टीम शामिल दो मेडिकल ऑफिसर, एक फार्मासिस्ट और एक हेल्थ वर्कर ने जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर 20,170 जीरो से छह साल तक के बच्चों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की। छह से अठारह साल तक के स्कूलों में पढ़ने वाले 51,509 विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को जांचा और उनमें जन्म से पाई गई स्वास्थ्य संबंधित विकृतियों तथा रोगों का पता लगाने को टेस्ट किए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा ने बताया कि इस योजना के तहत तालु, दिल में छेद, पांव का टेड़ा होने, बोलने, सुनने, देखने में दिक्कत सहित हर तरह की बीमारियों का पता लगाने का प्रयास किया गया।