हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत बिहाली में तंदूर के कोयले की गैस लगने से दो वर्षीय लड़के की मौत हो गई। गैस से बेसुध बच्चे की मां को सिविल अस्पताल तीसा में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज चंबा रेफर कर दिया गया जहां महिला को प्राथमिक उपचार के बाद हालात में सुधार होने पर घर भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार बिहाली पंचायत के टोन गांव की आशा देवी पत्नी मान सिंह ने कमरे में तंदूर में बांस की लकड़ी डालकर आग जलाई हुई थी। इस दौरान उसका दो वर्षीय बेटा अभी भी वहीं मौजूद था। इसी बीच कोयले की गैस लगने से दोनों बेसुध हो गए। काफी देर तक दोनों के कमरे से बाहर न निकलने पर आशा की सास ने दरवाजा खोला तो दोनों को कमरे के भीतर बेसुध हालत में पाया।
सास के चीखने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तुरंत दोनों को उठाकर तीसा अस्पताल पहुंचाया, जहां मौजूद चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज चंबा भेज दिया गया। बिहाली पंचायत के प्रधान रशीद मोहम्मद ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना उपमंडलीय प्रशासन को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से हरसंभव आर्थिक मदद दिलवाई जाएगी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि कोयले की गैस लगने से बेसुध हुई महिला को मेडिकल कॉलेज चंबा में प्राथमिक उपचार देने के बाद हालत में सुधार होने पर घर भेज दिया गया है।