सितंबर में मुख्य सचिव विनीत चौधरी की रिटायरमेंट के बाद नए मुख्य सचिव की तलाश के बीच हाल ही में चौधरी की डिनर डिप्लोमेसी इन दिनों शासन के गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। मुख्य सचिव की ओर से दो दिन पहले अपने आवास पर एक डिनर पार्टी बुलाई गई।
कहने को यह पार्टी पारिवारिक थी, लेकिन इसमें चुनिंदा आईएएस अफसरों को निमंत्रण दिया गया। जिन अफसरों को बुलाया गया, वे सभी या तो मुख्य सचिव के करीबी माने जाते हैं या फिर तटस्थ रहते हैं। ऐसे में जिन अफसरों को नहीं बुलाया गया, उनके बीच यह चर्चा का विषय बन गई है।
दरअसल, मुख्य सचिव की दौड़ में लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडिमिनिस्ट्रेशन (एलबीएसएनएएए) की निदेशक और मुख्य सचिव की पत्नी उपमा चौधरी के अलावा एसीएस स्वास्थ्य बीके अग्रवाल, एसीएस कम प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्रीकांत बाल्दी शामिल हैं।
ऐसे में विनीत चौधरी के इस डिनर को नियुक्ति को लेकर चल रही कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो इस डिनर में बाल्दी मौजूद थे, जबकि अग्रवाल समेत कई अन्य अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव शामिल नहीं हुए।
इसके बाद से शासन के अफसर मुख्य सचिव गुट बनाम मुख्य सचिव विरोधी गुट के दो खेमों में बंटता दिख रहा है। सरकारी सूत्रों की मानें तो सरकार भी इस खेमेबाजी को लेकर खासी परेशान है।
नाम न लिखने की शर्त पर सरकार के करीबी सूत्र ने कहा कि विवाद थामने के लिए मुख्यमंत्री जल्द ही अफसरों के साथ बैठक कर अगले मुख्य सचिव के नाम का संकेत दे सकते हैं।