ढाई सौ करोड़ से ज्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में देरी का मामला भारत सरकार से उठाया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव बीके अग्रवाल केंद्रीय कार्मिक विभाग के सचिव से बात करेंगे। हिमाचल सरकार ने यह मामला केंद्रीय कार्मिक विभाग के माध्यम से सीबीआई जांच को भेजा है, मगर सीबीआई ने अभी तक इसमें केस दर्ज नहीं किया है।
जयराम सरकार ने छात्रवृत्ति घोटाले की सीबीआई जांच का फैसला कुछ महीने पहले ही ले लिया था। इससे संबंधित जानकारी सीबीआई को भी भेजी गई, पर सीबीआई ने इसमें पहले राज्य के भीतर ही एफआईआर दर्ज कर प्रारंभिक जांच करने को कहा। हाल ही में राज्य विधानसभा के शीत सत्र के दौरान यह मामला सदन में उठा तो सीएम ने तीन दिन में इस मामले को सीबीआई को भेजने का आश्वासन दिया।
अब मामला केंद्रीय कार्मिक विभाग के माध्यम से सीबीआई को भेजे दो हफ्ते हो गए हैं। इसके बावजूद अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। यह मामला अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को देय छात्रवृत्ति पर घपले से संबंधित है। सोमवार को मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने कहा कि इस बारे में वह केंद्रीय कार्मिक विभाग के सचिव से बात करेंगे कि इसमें देरी क्यों हो रही है।