चुनावी मौसम खत्म होने के साथ ही सरकार और शासन पटरी पर लौटने लगे हैं। आदर्श आचार संहिता खत्म होने से पहले ही प्रदेश के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने सभी विभागों के प्रशासनिक सचिवों से उनके विभागों की समीक्षा रिपोर्ट तलब कर ली है। रिपोर्ट के जरिये सभी सचिवों के आचार संहिता के दौरान किए गए कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी। मुख्य सचिव के रिपोर्ट मांगने के साथ ही प्रशासनिक सचिवों ने अपने विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं।
10 मार्च को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद शासन में बैठे अधिकारियों ने कामकाज पर ही ब्रेक लगा दिया था। दो महीने के दौरान लगभग हर चीज जस की तस स्थिति में रही। हालांकि इस दौरान अधिकारियों ने प्रदेश, देश से लेकर विदेश तक दौरे कर डाले लेकिन सरकारी कामकाज में उससे कितना फायदा हुआ इसका कोई रिकॉर्ड ही नहीं था। 19 मई को मतदान होने तक शासन और सरकार दोनों ही चुप्पी साधे बैठे रहे।
लेकिन मतदान और मतगणना के खत्म होते ही मुख्य सचिव ने सभी विभागों के कामकाज की रिपोर्ट तलब कर ली है। शासन के सूत्रों की मानें तो मुख्य सचिव ने सभी विभागों से विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि हर विभाग की इस रिपोर्ट को मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसी कड़ी में पहले ही सचिवालय प्रशासन विभाग से शासन के अधिकारियों व कर्मचारियों की अटेंडेंस भी तलब कर ली है। दोनों रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री कार्यालय दो महीने के दौरान आराम फरमाने और मनमानी करने वाले अधिकारियों पर फैसला लेगा।