परियोजना के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते सीपीएस सुंदर ठाकुर।
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मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में सौ मेगावाट की उहल तृतीय पन विद्युत परियोजना में फिर से विद्युत उत्पादन के लिए भूमिगत टनल की कमीशनिंग शुरू हो गई है। रविवार को प्रदेश सरकार के आह्वान पर सीपीएस सुंदर ठाकुर ने स्वयं पावर हाउस में विद्युत उत्पादन के लिए टनल की कमीशनिंग के कार्य की समीक्षा की और भूमि पूजन किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांची, वहीं प्रोजेक्ट के अधिकारियों को भी उचित दिशा-निर्देश जारी कर जल्द से जल्द विद्युत उत्पादन शुरू करने को कहा।
रविवार दोपहर करीब एक बजे जोगिंद्रनगर पहुंचे सीपीएस सुंदर ठाकुर ने खुद्दर स्थित परियोजना की रेजर वायर, चूला में पावर हाउस का निरीक्षण करने के बाद टनल की कमीशनिंग के कार्य का भूमि पूजन भी किया। देर शाम ब्यास वैली कार्पोरेशन के अधिकारियों से बैठक कर विद्युत उत्पादन जल्द शुरू करने व अन्य विकास कार्यों की जानकारी भी हासिल की। उहल परियोजना के प्रबंध निदेशक देवेंद्र चौधरी व अधीक्षण अभियंता संजीव धीमान ने बताया कि मार्च में प्लेटों की रोलिंग का कार्य शुरू हो गया था।
दो किलोमीटर टनल में 4.35 भूमिगत भाग को नए सिरे से स्थापित करने के लिए इस बार एएसटीएम ग्रेड एफ 517 स्टील से परियोजना की टनल का निर्माण होगा। इसके लिए अनुमानित 70 करोड़ के टेंडर अवार्ड किए गए हैं। प्रोजेक्ट में टनल के निर्माण के लिए ओडिशा से प्लेटों का पहुंचना शुरू हुआ है। जबकि, पूर्व में सैल्मा स्टील की गुणवत्ता पर उठे सवाल को देखते हुए निर्माण कार्य में कोई भी कोताही परियोजना के उच्चाधिकारी नहीं बरत रहे हैं।
गुणवत्ता की जांच के लिए प्रोजेक्ट की क्वालिटी कंट्रोल की टीमें भी तैनात कर रखी हैं। अप्रैल 2024 में विद्युत उत्पादन शुरू करने के निर्धारित लक्ष्य को लेकर परियोजना प्रबंधन ने पूरी ताकत झोंक रखी है। पावर हाउस में पैन स्टॉक के फट जाने से मशीनरी में हुए नुकसान का बीएचएएल के तकनीकी कर्मचारियों ने अधिकांश कार्य पूरा कर लिया है।
सीपीएस सुंदर ठाकुर ने बताया कि मंडी जिले के जोगिंद्रनगर की उहल तृतीय चरण की परियोजना में सौ मेगावाट विद्युत उत्पादन प्रतिदिन होने पर प्रदेश सरकार के खजाने में हर माह 120 करोड़ रुपये की आमदनी भी होगी। ब्यास बैली पावर कार्पोरेशन हिमाचल प्रदेश के प्रबंध निदेशक की निगरानी में क्वालिटी कंट्रोल की टीमों की मौजूदगी में परियोजना की टनल की कमीशनिंग का कार्य शुरू हो गया है।