मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि गाइड लाइन की अनदेखी करते हुए बैंक प्रबंधन ऋण लेने के लिए आए युवाओं को अतिरिक्त औपचारिकताओं में उलझा रहे हैं।
प्रोसेसिंग फीस अधिक होने के चलते युवा योजना को लेकर हतोत्साहित हो रहे हैं। सहकारी बैंक योजना के तहत ऋण देने के लिए पात्र नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के युवा आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का पात्र लोगों को लाभ न मिलना चिंता विषय है। योजना सुचारु तौर पर चलाने के लिए बैंकों के साथ उद्योग विभाग के अधिकारी नियमित तौर पर बैठक करेंगे। बैंकों से संबंधित समस्याओं को रिजर्व बैंक इंडिया के समक्ष प्रदेश सरकार उठाएगी। अगर बैंक भी योजना के तहत कुछ बदलाव चाहते हैं तो उनके सुझावों पर मंथन किया जाएगा।
- बीके अग्रवाल, मुख्य सचिव