दरअसल, अभी तक लोग अपनी शिकायतों को ई समाधान के जरिये विभागीय अधिकारियों को भेजते थे। लेकिन अफसर शिकायतों को एक से दूसरे स्तर के अफसर के पास भेज निस्तारण होने का दावा करते थे।
इसकी वजह से शिकायतों के निस्तारण का डाटा तो अच्छा था लेकिन हकीकत कुछ और ही थी। मुख्यमंत्री कार्यालय को भी आए दिन ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि ई समाधान पर शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अफसरों की इसी लचर कार्यशैली को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अब शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री की ओर से सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ई समाधान पर आने
वाली शिकायतों का ग्राउंड पर निस्तारण न हुआ तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री की ओर से सख्त निर्देश मिलने के बाद अब शिकायतों पर असल में कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।