प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि गुजरात की तर्ज पर प्रदेश के स्कूलों में भी चेस (शतरंज) खेल को सिलेबस में शामिल किया जाएगा। भाजपा के विधानसभा चुनाव के जारी घोषणा पत्र में भी इसे शामिल किया गया था।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने चेस का सिलेबस तैयार कर लिया है। आदर्श चुनाव आचार संहिता के हटते ही इस पर चर्चा कर सिलेबस में शामिल किए जाने पर फैसला ले लिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने यह बात इंदिरा गांधी खेल परिसर में राज्य स्तरीय गर्ल्ज चेस प्रतियोगिता के शुभारंभ पर कही।
उन्होंने कहा कि चेस दिमागी कसरत वाला खेल है। हिमाचल प्रदेश चेस एसोसिएशन की सचिव विदूषी शर्मा ने कहा कि शतरंज खेल आयोजन का मकसद युवाओं को नशे से दूर रखना और उनकी ऊर्जा को सही दिशा देना है।
उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में जिला स्तर की प्रतियोगिताओं से जीत कर आए शतरंज के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इसमें 15 वर्ष से कम आयु वर्ग के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। हिमाचल प्रदेश शतरंज एसोसिएशन दुनिया की ऐसी एसोसिएशन है जो महिलाओं द्वारा संचालित की जा रही है। इसमें एक पदाधिकारी थर्ड जेंडर भी है।