छात्र अभिभावक मंच ने निजी स्कूलों के पूरी फीस और सभी तरह की चार्ज की वसूली करने के निर्णय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंच ने एलान किया है कि अब सरकार, शिक्षा निदेशालय व निजी स्कूल प्रबंधनों की छात्र व अभिभावक विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। मंच ने 9 दिसंबर को 11 बजे शिक्षा निदेशालय का घेराव करेगा।
मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, सह संयोजक बिंदु जोशी, सदस्य फालमा चौहान, विवेक कश्यप, प्रकाश रावत, जय चंद, राकेश रॉकी, मीनाक्षी कश्यप ने छात्रों के अभिभावकों से अपील की है कि वे 9 दिसंबर के आंदोलन में शामिल हों। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे सभी तरह के चार्ज का बहिष्कार करें।
उन्होंने हैरानी जताई कि अभिभावकों को मोबाइल संदेश भेजकर उन पर सभी तरह के चार्ज जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इन संदेशों में बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर करने व उन्हें वार्षिक परीक्षाएं देने से रोकने की धमकियां दी जा रही हैं, लेकिन सरकार व शिक्षा विभाग मौन हैं। सरकार संविधान की रक्षा करने में भी विफल है, क्योंकि संविधान का अनुच्छेद 39(एफ) छात्रों की ऐसी मानसिक प्रताड़ना पर रोक लगाता है।
विजेंद्र मेहरा ने उच्च न्यायालय से फीस वसूली के मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की है। कहा कि उच्च न्यायालय ने भी अपने आदेश में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं किया है कि निजी स्कूल ट्रांसपोर्टेशन चार्ज सहित सभी तरह के चार्ज वसूल सकते हैं। उच्च शिक्षा निदेशक ने भी किसी भी अधिसूचना में पूर्ण फीस वसूली का आदेश नहीं दिया है। बावजूद इसके निजी स्कूल पूरी फीस वसूली को लेकर मोबाइल संदेश भेजकर अभिभावकों को प्रताड़ित कर रहे हैं।