छात्र अभिभावक मंच ने निजी स्कूलों और संस्थानों को पूरी फीस लेने के लिए अधिकृत करने के निर्णय के खिलाफ सोमवार को उच्च शिक्षा निदेशालय के बाहर प्रदर्शन किया। मंच ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस निर्णय को वापस लिया जाए। अगर पूर्ण फीस वसूली के निर्णय को जबरन लागू करने की कोशिश की तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
मंच के बैनर तले जुटे अभिभावकों ने सोमवार दोपहर करीब एक घंटे तक निदेशालय में प्रदेश सरकार, शिक्षा विभाग और निजी स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ नारेबाजी की। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, सदस्य विवेक कश्यप, सत्यवान पुंडीर और जियानंद शर्मा ने अभिभावकों से निजी स्कूलों की पूर्ण फीस उगाही का पूर्ण बहिष्कार करने की अपील की है।
विजेंद्र मेहरा ने उच्च न्यायालय से अपील की है कि वह निजी स्कूलों की ओर से फीस वसूली के मामले पर हस्तक्षेप करे। सरकार उच्च न्यायालय के निर्णय की गलत व्याख्या कर रही है। सरकार की ओर से आज तक उच्च न्यायालय के 27 अप्रैल 2016 को निजी स्कूलों की लूट को रोकने के संदर्भ में दिए गए ऐतिहासिक निर्णय को लागू नहीं किया गया है।
प्रदेश सरकार से पूछा है कि जब उच्च शिक्षा निदेशक ने पूर्ण फीस वसूली की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की है तो फिर निजी स्कूल प्रबंधन किस आधार पर अभिभावकों को पूर्ण फीस जमा करने के संदेश भेज रहे हैं।
अभिभावकों को मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने वाले निजी स्कूल प्रबंधनों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाने की मांग की। प्रदर्शन में कपिल शर्मा, हिमी देवी, बालक राम, चंद्रकांत वर्मा, मदन कुमार, दलीप सिंह, रामप्रकाश, अमित ठाकुर, रमन थारटा, अनिल ठाकुर, रविंद्र चंदेल और गौरव नाथन मौजूद रहे।