हिमाचल परिवहन निगम के बेड़े में हाल ही में जेएनयूआरएम के तहत शामिल हुईं 65 नई बसों पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। बीते दिनों तीन नई बसों के ब्रेक फेल होने की बात सामने आई हैं। दूसरा ये बसें सामान्य बसों से ज्यादा डीजल पी रही हैं। इससे नई बसें निगम के लिए तो घाटे का सौदा साबित हो रही हैं, उलटा हादसों का खतरा मंडरा रहा है।
सूत्रों के अनुसार लंबी बसें होने के चलते निगम चालक भी इन्हें पहाड़ी क्षेत्रों में चलाने से कतरा रहे हैं। चालकों को कंप्यूटराइज्ड बसों का अभी सही ढंग से प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। फील्ड से मिली जानकारी के अनुसार नई बसें ढाई से तीन किलोमीटर प्रति लीटर एवरेज दे रही हैं जबकि सामान्य बसें एक लीटर में 5 से छह किमी की दूरी तय करती हैं।
नालागढ़, सोलन और मंडी में तीन बसों के ब्रेक फेल हुए हैं। इसका कारण कम डीजल होना बताया जा रहा है। इसको देखते हुए निगम कार्यालय ने डीएम को आदेश दिए हैं कि इन बसों में कम से कम 80 लीटर डीजल होना चाहिए, ताकि ब्रेक फेल न हो। इन बसों की डीजल टंकी 165 लीटर की है।