आगामी वर्ष में कोरोना संक्रमण खत्म होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे देश और प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हो सकती है। मंदिर के पुजारी कार्तिक मंदिर में विशेष पूजा अर्चना के बाद गर्भ गृह के कपाट बंद करेंगे। इसके साथ भरमौर के ऊपरी मंदिरों में अंदरोल का समय शुरू हो जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र भरमौर के कुगति में स्थापित कार्तिकेय के मंदिर के कपाट मंगलवार को 134 दिनों के लिए बंद हो जाएंगे। श्रद्धालु अगले वर्ष 14 अप्रैल को शिव पुत्र कार्तिक के दर्शन कर सकेंगे।
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हर वर्ष कुगति में लाखों की तादाद में कार्तिकेय के भक्त माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन, पिछले वर्ष कोविड-19 के कारण कम श्रद्धालु की संख्या में कमी आई है। आगामी वर्ष में कोरोना संक्रमण खत्म होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे देश और प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हो सकती है। मंदिर के पुजारी कार्तिक मंदिर में विशेष पूजा अर्चना के बाद गर्भ गृह के कपाट बंद करेंगे।
इसके साथ भरमौर के ऊपरी मंदिरों में अंदरोल का समय शुरू हो जाएगा। ऐसे मंदिरों के लिए यह पंरपरा रही है कि ऊपरी मंदिरों में जहां ज्यादा बर्फबारी होती है, वहां जाना निषेध माना जाता है।
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मंदिर के पुजारी मचलू राम शर्मा ने बताया कि मंगलवार को मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे। अगले वर्ष 14 अप्रैल बैसाखी के दिन खुलेंगे। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक सर्दियों में अपने धाम दक्षिण भारत चले जाते हैं, ओर गर्मी शुरू होने पर शिवधाम मणिमहेश का रूख करते हैं।