परिजनों के अनुसार परिवार तीन माह के बच्चे का उपचार करवाकर पीजीआई चंडीगढ़ से अपने घर लौट रहा था। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि घर वापसी का यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। कुछ ही पलों में पूरा परिवार काल के गाल में समा गया। रेस्क्यू अभियान में शामिल लोगों ने बताया कि मां और बच्चे का यह दृश्य लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा। हादसे ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि मां की ममता और अपूरणीय क्षति की ऐसी तस्वीर छोड़ दी, जिसने पूरे चंबा जिले को झकझोर कर रख दिया।