वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सस्पेंड चल रहे चंबा मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल ने रिकॉर्ड को गायब कर दिया है। राज्य सरकार ने अब पूर्व प्रिंसिपल को चेतावनी नोटिस जारी कर रिकॉर्ड जमा करने को कहा है।
रिकॉर्ड गायब होने का खुलासा उस समय हुआ, जब प्रदेश सरकार ने जांच के लिए रिकॉर्ड मांगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकार को अवगत कराया गया कि जिस दिन सरकार ने पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ एक्शन लिया, उसके बाद वह रिकॉर्ड अपने साथ कहीं ले गए हैं। इससे अब मामले की जांच अटक गई है।
उल्लेखनीय है कि कॉलेज में गड़बड़ी की आशंका के चलते प्रदेश सरकार ने ऑडिट कराया था। ऑडिट कराने के लिए बाकायदा शिमला से विशेष टीम चंबा मेडिकल कॉलेज भेजी गई।
टीम को जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताएं मिलीं। टीम ने सरकार को रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया। सरकार ने कार्रवाई करते हुए उनका हेडक्वार्टर शिमला फि क्स कर दिया था।
मेडिकल कॉलेज कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में खुला था। वर्ष 2017 में यहां 100 एमबीबीएस प्रशिक्षुओं का पहला बैच बैठा। अब अगस्त में यहां दूसरा बैच बैठाया जाना है। कॉलेज में अब तक 72 विद्यार्थियों से अधिक का प्रवेश हो चुका है।
चंबा मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल कॉलेज का रिकॉर्ड अपने साथ ले गए हैं। उन्हें रिकॉर्ड सरकार को सौंपने की बात कही गई है।
- बीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य, हिमाचल प्रदेश