स्थानीय लोगों और आईटीआई के छात्रों ने बताया कि पिछले एक माह से वे परेशानी का सामना कर रहे हैं। निगम की कोई भी बस जमटा में नहीं रुक रही है। चालान के डर से एचआरटीसी के चालक और परिचालक सीट क्षमता के अलावा किसी भी सवारी को बस में नहीं बैठा रहे हैं।
जबकि, जमटा धारटीधार इलाके की कई पंचायतों का केंद्रबिंदु हैं। सैकड़ों लोग रोजाना यहां से नाहन और ददाहू आदि हिस्सों के लिए बसों में सफर करते हैं लेकिन, जब से ओवरलोडिंग पर शिकंजा कसा गया है, तब से कोई भी बस जमटा में नहीं रुक रही।
पहले ही बसें नाहन और ददाहू आदि स्टेशनों से सीट क्षमता के अनुसार भरकर आती हैं। ऐसे में छात्र समय पर आईटीआई, कॉलेज, डाइट और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। कक्षाएं छूट रही हैं। बसों में सफर के लिए छात्रों के पास बने हैं।
यही हाल सरकारी कर्मियों और कामकाजी लोगों का भी है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार को ओवरलोडिंग पर शिकंजा कसने से पहले अतिरिक्त बस सुविधा भी मुहैया करवानी चाहिए थी। रूटों पर बसों की भारी कमी चल रही है। हजारों लोग बस के इंतजार में दिनभर खड़े रहते हैं।
उधर, एसएचओ मानवेंद्र ठाकुर ने बताया कि पुलिस पहुंचने के कुछ समय बाद जाम बहाल कर दिया था। उन्होंने बताया कि बसों में छात्रों को न बैठाने पर जाम लगाया गया था। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं बहाल रखी गई थीं। छात्रों और ग्रामीणों से बातचीत के बाद जाम खुलवा दिया।