रोहड़ू। दिऊदी में हुई अग्निकांड की घटना के बाद चिड़गांव में अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग को लेकर छौहारा क्षेत्र के लोगों ने वीरवार को चक्का जामकर प्रदर्शन किया।
अग्निशमन केंद्र खोलने के नाम पर बार-बार मिल रहे आश्वासनों से गुस्साए लोगों ने ढाई घंटे तक वाहनों की आवाजाही नहीं होने दी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने एक महीने के भीतर अग्निशमन केंद्र खोलने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग हटने को तैयार हुए।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में डुंग्यानी गांव में अग्निकांड की घटना होने के बाद सरकार ने चिड़गांव में उपअग्निशमन केंद्र खोलने का आश्वासन दिया था। इसके तहत दमकल वाहन भी चिड़गांव में तैनात किए गए थे। मगर तीन माह बीतने के बाद दमकल वाहन को रोहड़ू ले जाया गया।
इसके बाद चिड़गांव में अग्निशमन केंद्र खोलने की योजना ठंडे बस्ते में पड़ गई। बुधवार रात दिऊदी गांव में एक बार अग्निकांड की घटना सामने आई है। इसके बाद दमकल वाहनों को जुब्बल और रोहड़ू से बुलाया गया।
वीरवार दोपहर करीब तीन बजे जब दमकल वाहन दिऊदी से आग बुझाकर वापस आ रहे थे, तो इसी बीच चिड़गांव बाजार में सैकड़ों की संख्या में क्षेत्र के लोग एकत्रित हो गए। गुस्साए लोगों ने यहां चक्का जाम कर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी।
इस दौरान दमकल वाहनों को भी रोक दिया गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार चिड़गांव सौरभ धीमान ने मौके पर जाकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। मगर लोग अग्निशमन केंद्र खोलने के लिखित आश्वासन देने की मांग पर अड़े रहे।
इसके बाद बाद एसडीएम रोहड़ू सुरेंद्र ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों से बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि 18 दिसंबर को होने वाले कैबिनेट में अग्निशमन केंद्र खोलने का प्रस्ताव रखा जा रहा है।
कैबिनेट से अग्निशमन केंद्र की अधिसूचना जारी होने के एक माह के भीतर चिड़गांव में दमकल वाहन तैनात किए जाएंगे। प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद लोग शांत हुए और सड़क से हटे।