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Chaitra Navratri: कल से चैत्र नवरात्रि शुरू, हिमाचल में सजने लगे मंदिर; जानें पूजा मुहूर्त और कलश स्थापना विधि

Wed, 18 Mar 2026 01:19 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र बहुत ही पवित्र त्योहार माना जाता है। यह नौ दिनों तक चलने वाला पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित होता है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी होती है। जानें विस्तार से...
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Chaitra Navratri 2026 Ghatsthapna Shubh Muhurat - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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चैत्र नवरात्र के लिए शहर के मंदिर सजना शुरू हो गए हैं। इस वर्ष नौ दिन का यह पावन पर्व 19 मार्च से शुरू होगा। नवरात्र के लिए शिमला शहर के मंदिर सजना शुरू हो गए हैं। पहले नवरात्र पर मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना की जाती है। इस वर्ष घट स्थापना के दो शुभ मुहूर्त हैं, पहला मुहूर्त सुबह 6:54 से 7:58 बजे तक होगा और दोपहर 12:05 से 12:53 बजे कलश स्थापना का दूसरा अभिजीत मुहूर्त रहेगा। शहर में माता के विभिन्न दरबारों तारादेवी, कालीबाड़ी, बीसीएस तारामाता मंदिर और ढींगू माता मंदिर सहित सभी मंदिरों में इस पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। तारादेवी के लिए शिमला के पुराना बस अड्डा से विशेष बसें चलेंगी।

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गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि चैत्र नवरात्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होंगे। शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 6:54 बजे शुरू होगी और 20 मार्च को सुबह 4:51 बजे समाप्त होगी। पंडित के अनुसार नवरात्र 19 मार्च से शुरू होंगे और 27 मार्च इनका समापन होगा। इस वर्ष चैत्र नवरात्र में कलश स्थापना के दो शुभ मुहूर्त हैं। वर्ष नवरात्र पर राजयोग, सर्वार्थ सिद्धि योग और ब्रह्म योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं। नवरात्र के पहले दिन मीन राशि में सूर्य, चंद्रमा, शनि और शुक्र का चतुर्ग्रही योग रहेगा।

चैत्र नवरात्र में मां का आगमन डोली पर हो रहा है। मां की अराधना के नौ दिन में देवी के 9 स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस पर्व में पहले दिन 19 मार्च यानी कल मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना होगी। दूसरे दिन 20 मार्च को मां ब्रह्मचारिणी की आराधना, तीसरे दिन 21 मार्च को मां चंद्रघंटा की पूजा, चौथे दिन 22 मार्च को मां कुष्मांडा की आराधना होगी। पांचवें दिन 23 मार्च को मां स्कंदमाता, छठे दिन 24 मार्च को मां कात्यायनी की आराधना, सातवें दिन 25 मार्च को मां कालरात्रि की पूजा, आठवें दिन 26 मार्च को मां महागौरी की पूजा होगी और रामनवमी मनाई जाएगी। नौवां दिन 27 मार्च को मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। 

मंदिरों में भंडारे के लिए डीजल भट्ठियों का इंतजाम
राजधानी में गहराते व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की किल्लत का असर चैत्र नवरात्र पर मंदिरों में होने वाले भंडारों पर भी पड़ सकता है। इसलिए सभी प्रमुख मंदिरों तारादेवी, कालीबाड़ी और बीसीएस तारा माता मंदिर में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। शहर में एक हफ्ते से व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की किल्लत चल रही है। होटलों, रेस्तरां और ढाबों संचालकों को व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं दी जा रही। तारादेवी मंदिर में पहले से अंतिम नवरात्र तक रोजाना श्रद्धालुओं के लिए भंडारा परोसा जाएगा।

मंदिर के प्रबंधक अनिल शांडिल ने बताया कि मंदिर में लकड़ियों का प्रबंध किया है। बीसीएस तारा माता मंदिर में भी हर रोज भंडारे लगेंगे। मंदिर 5 डीजल भट्ठियों की व्यवस्था कर ली है। कार्य निर्वाहक समिति शिमला कालीबाड़ी के सचिव डॉ. कल्लोल प्रमानिक ने बताया कि मंदिर में भले ही एलपीजी सिलिंडर का स्टॉक खत्म हो चुका है लेकिन उम्मीद है कि जल्द व्यवस्था हो जाएगी। भक्तों के लिए हलवा प्रसाद बनाया जाएगा और अंतिम तीन दिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कोई श्रद्धालु मंदिर में एलपीजी की व्यवस्था कर मंदिर में भंडारा या हलवा प्रसाद बनवाना चाहे तो वह मंदिर प्रबंधन से संपर्क कर सकता है।
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शहर में सुबह छह बजे खुलेंगे मंदिरों के कपाट
राजधानी के कालीबाड़ी और तारादेवी मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों के कपाट भक्तों के लिए सुबह 6:00 बजे से खुल जाएंगे। इसके बाद कालीबाड़ी मंदिर में सुबह 7:00 बजे के बाद घट स्थापना और पूजा-अर्चना की जाएगी। तारादेवी मंदिर में सुबह 11:00 बजे के बाद मंदिर में कलश स्थापना होगी। इस दौरान मंदिरों में पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए जाएंगे। मंदिरों अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और तारादेवी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त एचआरटीसी की बसें चलाई जाएंगी। 
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