गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि चैत्र नवरात्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होंगे। शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 6:54 बजे शुरू होगी और 20 मार्च को सुबह 4:51 बजे समाप्त होगी। पंडित के अनुसार नवरात्र 19 मार्च से शुरू होंगे और 27 मार्च इनका समापन होगा। इस वर्ष चैत्र नवरात्र में कलश स्थापना के दो शुभ मुहूर्त हैं। वर्ष नवरात्र पर राजयोग, सर्वार्थ सिद्धि योग और ब्रह्म योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं। नवरात्र के पहले दिन मीन राशि में सूर्य, चंद्रमा, शनि और शुक्र का चतुर्ग्रही योग रहेगा।
चैत्र नवरात्र में मां का आगमन डोली पर हो रहा है। मां की अराधना के नौ दिन में देवी के 9 स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस पर्व में पहले दिन 19 मार्च यानी कल मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना होगी। दूसरे दिन 20 मार्च को मां ब्रह्मचारिणी की आराधना, तीसरे दिन 21 मार्च को मां चंद्रघंटा की पूजा, चौथे दिन 22 मार्च को मां कुष्मांडा की आराधना होगी। पांचवें दिन 23 मार्च को मां स्कंदमाता, छठे दिन 24 मार्च को मां कात्यायनी की आराधना, सातवें दिन 25 मार्च को मां कालरात्रि की पूजा, आठवें दिन 26 मार्च को मां महागौरी की पूजा होगी और रामनवमी मनाई जाएगी। नौवां दिन 27 मार्च को मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाएगी।
मंदिर के प्रबंधक अनिल शांडिल ने बताया कि मंदिर में लकड़ियों का प्रबंध किया है। बीसीएस तारा माता मंदिर में भी हर रोज भंडारे लगेंगे। मंदिर 5 डीजल भट्ठियों की व्यवस्था कर ली है। कार्य निर्वाहक समिति शिमला कालीबाड़ी के सचिव डॉ. कल्लोल प्रमानिक ने बताया कि मंदिर में भले ही एलपीजी सिलिंडर का स्टॉक खत्म हो चुका है लेकिन उम्मीद है कि जल्द व्यवस्था हो जाएगी। भक्तों के लिए हलवा प्रसाद बनाया जाएगा और अंतिम तीन दिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कोई श्रद्धालु मंदिर में एलपीजी की व्यवस्था कर मंदिर में भंडारा या हलवा प्रसाद बनवाना चाहे तो वह मंदिर प्रबंधन से संपर्क कर सकता है।