हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान खरीद-फरोख्त के मामले में आरोपी पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा और विधायक आशीष शर्मा की अग्रिम जमानत पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों की अग्रिम जमानत 24 मई तक बढ़ा दी है। मामले की सुनवाई न्यायाधीश रंजन शर्मा ने की। सरकार ने मामले में फ्रेश स्टेटस रिपोर्ट दायर की है। सरकार ने अदालत को बताया कि राकेश शर्मा पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। राकेश शर्मा उत्तराखंड के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं।
पुलिस की ओर से दो नोटिस देने के बावजूद भी राकेश थाने में पेश नहीं हुए। सरकार की ओर से महाधिवक्ता अनूप रतन पेश हुए। उन्होंने अदालत में कहा कि आरोपी राकेश को फोन, ई-मेल और अन्य गैजेट्स जमा करने के निर्देश दिए जाएं। दूसरी ओर आरोपियों की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि राकेश शर्मा का स्वास्थ्य ठीक नहीं था। इसकी वजह से वह थाने में पेश नहीं हो सके।
इसके बाद अदालत ने राकेश को 9 मई को 11:00 बजे बालूगंज थाने में पेश होने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि अगर आरोपी कोर्ट के आदेशों की अनुपालना नहीं करेगा तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी। अदालत ने राकेश शर्मा को जांच एजेंसी को पूछताछ में सहयोग करने के निर्देश दिए। आशीष शर्मा बालूगंज थाने में हाजिर हुए थे। मामले की अगली सुनवाई 24 मई को होगी। राकेश शर्मा और आशीष शर्मा पर राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त और सरकार को अस्थिर करने का आरोप है।