पूर्व में शिमला में आयोजित भर्ती में चयनित 750 के लगभग युवाओं से प्रदेश शिक्षा बोर्ड को 10 लाख की कमाई हुई थी। इस दौरान सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के प्रति सर्टिफिकेट 600 रुपये वसूले गए थे। अब प्रदेश में होने वाली सेना भर्ती में व्यवस्था का खर्च जिला प्रशासन नहीं उठाएगा।
अब सेना ही इस खर्च को वहन करेगी। इससे पहले भर्ती मैदान में कुर्सी, मेज, लाइट, समेत हर छोटे मोटे व्यवस्थागत खर्च को प्रदेश सरकार उठाती थी। सेना भर्ती कार्यालय मंडी के निदेशक सोमराज गुलिया ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सेना भर्ती में चयनित होने वाले युवाओं के सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के शुल्क को आधा कर दिया है। मंडी में प्रस्तावित भर्ती से यह निर्णय प्रदेशभर में लागू हो जाएगा।