धर्मशाला में लगे पुस्तक मेले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन कर मुश्किलों में घिरे केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने चुनाव आयोग को नोटिस का जवाब दे दिया है।
नोटिस के जवाब में अग्निहोत्री ने आचार संहिता उल्लंघन से इंकार कर दिया है। जवाब में कहा है कि यह किताब किसी नेता विशेष की बायोपिक नहीं है। इस किताब में राजनीतिक परिदृश्य को बयां किया गया है।
साथ ही देश की समस्याओं व राजनीतिक घटनाक्रमों की गहनता से अध्ययन करने के साथ साथ पिछले 15 साल के लेखों का संकलन किया गया है। वहीं, किताब के मुख्य पृष्ठ को लेकर वीसी ने स्पष्ट किया है कि कवर का डिजाइन करने का विशेषाधिकार प्रकाशक के पास है।
अग्निहोत्री के जवाब के बाद मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने किताब की एक प्रति और नोटिस के जवाब को चुनाव आयोग को भेज दिया है। अब चुनाव आयोग को जवाब पर फैसला लेना है।
बता दें कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय विश्वविद्यालय के वीसी ने मोदी के पोस्टर वाली किताब ‘भारत बोध का संघर्ष 2019 का महासमर’ का विमोचन किया।
अमर उजाला में चुनाव आचार संहिता के बीच पुस्तक के विमोचन की खबर छपने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से मामले में रिपोर्ट तलब की थी।