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यहां खुलेगी पहली सेंट्रल पुलिस कैंटीन, गृह मंत्रालय ने लिया फैसला

Sat, 03 Feb 2018 12:24 PM IST
कमलेश रतन भारद्वाज, अमर उजालाण, मंडी
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सेना की तर्ज पर अब सेंट्रल पुलिस कैंटीन की सुविधा भी मिलेगी। अर्द्धसैनिक बल में सेवारत जवानों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके हजारों आश्रितों के लिए हिमाचल में सेना की तर्ज पर पहली कैंटीन खुलने जा रही है। 

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इसे जिला मुख्यालय मंडी में खोलने का प्रस्ताव है। गृह मंत्रालय के पुनर्वास एवं कल्याण निदेशालय ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत देश के सात राज्यों में 10 मिनी सेंट्रल पुलिस कैंटीन (सीपीसी) कैंटीन खोलने की अधिसूचना जारी की है। 

अधिसूचना (27011/75/2013-आरएंडडब्ल्यू) के मुताबिक कैंटीन का नाम सेंट्रल पुलिस कैंटीन ही रहेगा। संबंधित राज्य में चल रही सेंट्रल पुलिस फोर्स कैंटीन सिस्टम (सीपीएफसीएस) के चेयरमैन का इन कैंटीन पर नियंत्रण होगा। 

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यहां खुलेंगी कैंटीन 

पैरामिलिट्री वेलफेयर एसोसिएशन प्रत्यक्ष रूप से इनका संचालन करेगी जबकि सामान केंद्र मुहैया करवाएगा। पूर्व पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आरके शर्मा ने मंडी में कैंटीन खोलने पर आम सहमति बनने की पुष्टि की है।

इसकी सूचना निदेशालय भेज दी है। सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व सैनिकों की हर मांग को पूरा किया जा रहा है। 

शुरुआती दौर में देश के सात राज्यों केरल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल में कैंटीन खोली जाएंगी। केरल के त्रिवेंद्रम जिले के नेयटिंकरा, यूपी के बुलंदशहर, उत्तराखंड के दो जिलों हरिद्वार जिले के रुड़की

और पौड़ी जिले के कोटद्वार, हरियाणा के दो जिलों झज्जर जिला मुख्यालय, महेंद्रगढ़ के नारनौल, राजस्थान के दो जिलों नागौर के डीडवाना और झुंझुनू जिला मुख्यालय और पंजाब के जालंधर जिले के रेड़ु में मिनी कैंटीन खोली जाएंगी। 
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20 लाख से अधिक परिवारों को होगा लाभ 

पूर्व पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश सचिव मनवीर चंद कटोच ने कहा कि देश में वर्तमान में 12 लाख अर्द्धसैनिक सेवाएं दे रहे हैं। नौ लाख अर्द्धसैनिक सेवानिवृत्त हैं।

इन कैंटीन से 20 लाख से अधिक परिवारों को देशभर में फायदा मिलेगा। उन्होंने कैंटीन में जीएसटी माफ करने और वाहनों की खरीद-फरोख्त की सुविधा देने की मांग भी उठाई है।

कैंटीन को पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन संचालित करेगी। एसोसिएशन कैंटीन चलाने को फंड एकत्र करेगी। केंद्र सरकार महज सामान मुहैया करवाएगी। संचालन करने वाली एसोसिएशन का राज्य और केंद्र सरकार से रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।

जहां कैंटीन खोली जाएगी, उस जिले में कम से कम 500 लाभार्थी होने चाहिए। दो वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी, कैंटीन के संचालन को कम से कम लाभ अर्जित करना, मिनी कैंटीन का मास्टर कैंटीन के तहत चलाया जाना अनिवार्य होगा। यदि अनाधिकृत व्यक्तिओं को सामान बांटा गया तो कैंटीन का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
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