केंद्रीय भूतल सड़क परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 6 जून, 2016 को हिमाचल दौरे के दौरान इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपये का अनुमानित बजट मंजूर हुआ था, जिसमें 5 हजार करोड़ रुपये सिविल वर्क के लिए निर्धारित था। इस प्रोजेक्ट के लिए तीन साल तक अलाइनमेंट सर्वे समेत डीपीआर तैयार की गई। 224 किलोमीटर लंबे मार्ग की दूरी कम करके 180 किलोमीटर तय हुई थी। फोरलेन की चौड़ाई 45 मीटर तथा इसका मुख्य सरफेस 22.50 मीटर होना था। पांचवें चरण में ज्वालामुखी से कांगड़ा तक 100 में से 65 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। शेष 35 हेक्टेयर की प्रक्रिया चल रही थी।
39-39 किलोमीटर के ये थे पांच चरण
1.शिमला-शालाघाट
2.शालाघाट-नौणीचौक
3.नौणीचौक-हमीरपुर
4.हमीरपुर-ज्वालामुखी
5.ज्वालामुखी-कांगड़ा
शिमला-मटौर भारतीय राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण से एक पत्र मिला है। बजट की कमी और मार्ग के व्यावहारिक न होने का हवाला दिया गया है। अब यह फोरलेन बनेगा या नहीं, इस बारे में उच्चाधिकारी ही अधिक जानकारी दे सकते हैं।-योगेश राउत, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई हमीरपुर