इससे उन्हें आगे की पढ़ाई और कॅरिअर को लेकर बेहतर दिशा तय करने में मदद मिलेगी। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहले से आईटी, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, खुदरा व्यापार, ऑटोमोबाइल, सुरक्षा, दूरसंचार, मीडिया और बैंकिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब 302 नए स्कूलों के जुड़ने से व्यावसायिक शिक्षा का दायरा और व्यापक होगा। विद्यार्थियों को स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार और कौशल आधारित उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।
हर जिले तक पहुंचेगी कौशल शिक्षा
केंद्र की मंजूरी के बाद प्रदेश के लगभग सभी जिलों में व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार होगा। कांगड़ा के 47 स्कूलों को सबसे अधिक स्वीकृति मिली है। चंबा के 45, सिरमौर के 43, शिमला के 41, मंडी के 39, सोलन के 28, ऊना के 21 और कुल्लू के 19 स्कूल शामिल हैं। हमीरपुर के 11, बिलासपुर के 10 और लाहौल-स्पीति के एक स्कूल में भी नए व्यावसायिक विषय शुरू होंगे।