फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal News: केंद्र ने शर्तों के साथ हिमाचल को दी 545 करोड़ की विशेष ऋण सहायता, लेकिन साथ में ये दी चेतावनी

Fri, 23 Jan 2026 06:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार ने 545 करोड़ रुपये की विशेष ऋण सहायता जारी की है। लेकिन साथ कुछ शर्तें लगाई हैं। जानें विस्तार से...
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पूंजीगत निवेश को गति देने के लिए शर्तों के साथ 545 करोड़ रुपये की विशेष ऋण सहायता जारी की है। इस बारे में केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि यह धनराशि राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित और केंद्र से स्वीकृत पूंजीगत परियोजनाओं के लिए ही उपयोग की जा सकेगी। केंद्र ने स्पष्ट किया कि गलत उपयोग पर इस राशि की टैक्स डिवोल्यूशन से कटौती होगी। पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर धनराशि का उपयोग स्वीकृत उद्देश्य के अलावा किसी अन्य मद में किया गया, तो भविष्य में राज्य को मिलने वाले करों और शुल्कों के हिस्से से उस राशि की सीधी कटौती की जा सकती है।

विज्ञापन

केंद्र से प्राप्त राशि 10 कार्यदिवस के भीतर राज्य की संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों को जारी करनी होगी। यदि तय समय के भीतर धनराशि जारी नहीं की जाती है, तो राज्य सरकार को देरी के लिए 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड यानी ओपन मार्केट ऋण की ब्याज दर पर केंद्र सरकार को ब्याज चुकाना पड़ेगा। यदि किसी कारणवश राज्य सरकार को स्वीकृत पूंजी परियोजनाओं में बदलाव करना पड़ता है, तो इसके लिए पहले भारत सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

31 मार्च तक खर्च करनी होगी राशि
केंद्र ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। कहा गया है कि बिना वास्तविक भुगतान के किसी मध्यवर्ती एजेंसी के पास राशि रोकना, जिसे आमतौर पर पार्किंग ऑफ फंड्स कहा जाता है, व्यय नहीं माना जाएगा। ऐसी स्थिति में इसे योजना की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।
विज्ञापन

प्रदेश के 56 शहरी निकायों को 88.91 करोड़ का अनुदान
केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत हिमाचल के 56 शहरी निकायों को 88.91 करोड़ का अनुदान जारी किया है। इसमें 35.56 करोड़ की अनटाइड बेसिक ग्रांट और 53.35 करोड़ की टाइड ग्रांट शामिल है। अनटाइड बेसिक ग्रांट का उपयोग शहरी निकाय अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार कर सकेंगे, लेकिन इसका उपयोग वेतन या अन्य स्थापना व्यय पर नहीं किया जा सकेगा। टाइड ग्रांट का उपयोग पीने के पानी, वर्षा जल संचयन सहित और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर बराबर हिस्से में व्यय करना अनिवार्य होगा। केंद्र सरकार ने 10 कार्य दिवसों के भीतर बिना किसी कटौती के सभी शहरी निकायों को राशि देने के आदेश दिए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें