जिला मंडी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की साइट का निरीक्षण करने के लिए एयरपोर्ट अॅथारिटी ऑफ इंडिया की टीम ने द्रंग और नाचन क्षेत्र का दौरा किया। घोघराधार और बासाधार में कम आबादी और अधिक सरकारी भूमि से टीम संतुष्ट दिखी। नाचन के मौवीसेरी को भी परखा गया। मौवीसेरी और नेरढांगू में अधिक आबादी और निजी भूमि एयरपोर्ट बनने की कवायद में आड़े आ सकती है।
नेरढांगू से सुंदरनगर तक साइट का निरीक्षण टीम सोमवार को कर चुकी है। घोघरधार और बासाधार का दौरा करने के साथ डायनापार्क से भी साइट को कैमरे में कैद किया। घोघरधार में करीब 800 बीघा खाली भूमि और बासाधार में करीब 700 बीघा भूमि का टीम ने हवाई पट्टी स्थापित करने के लिए मुआयना किया।
इसके बाद टीम दोपहर बाद मौवीसेरी रवाना हुई। मंगलवार को घोघरधार में पहुंची पांच सदस्यीय टीम के साथ एडीएम मंडी, तहसीलदार पधर प्रकाश चंद शर्मा, कानूनगो लेखराज शर्मा, ग्रामीण राजस्व अधिकारी सतीश चंद भाटिया आदि मौजूद रहे।
उड्डयन मंत्रालय को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
केंद्रीय टीम ने एडीएम मंडी राजीव कुमार की मौजूदगी में राजस्व अधिकारियों के साथ दोनों स्थानों का राजस्व रिकार्ड भी खंगाला। बुधवार को टीम रिकार्ड लेने के बाद दिल्ली लौट सकती है। टीम शीघ्र अपनी रिपोर्ट भारत सरकार के उड्डयन विभाग और प्रदेश सरकार को प्रेषित करेगी।
तो यह होगा चयन का आधार
बेहतर भौगोलिक परिस्थिति और अधिक सरकारी जमीन घोघरधार में एयरपोर्ट का आधार बन सकती है। यहां धुंध अपेक्षाकृत कम और कमजोर है। रनवे और लैंडिंग के लिए बेहतर स्लाइडिंग हैं। कम आबादी और सरकारी भूमि की पर्याप्ता घोघर एयरपोर्ट का आधार बन सकती है।
हालांकि, नेरढांगू का मैदानी क्षेत्र और रनवे के लिए पर्याप्त भूमि भी एयरपोर्ट साइट के चयन का आधार बन सकती है, लेकिन यहां धुंध की दिक्कत है।