फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टूट गई शिमलावासियों की 24 घंटे पानी मिलने की उम्मीद

विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी शिमला के लोगों को अभी जल संकट झेलते रहना होगा। केंद्र सरकार ने करीब 300 करोड़ के वाटर एंड सीवरेज प्रोजेक्ट की डीपीआर को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन


31 मार्च 2014 को प्रोजेक्ट का एक्सटेंशन पीरियड खत्म होने और चुनाव आचार संहिता का हवाला देते हुए डीपीआर को मंजूरी नहीं मिली है।

नगर निगम शिमला और राज्य सरकार की खींचतान के चलते शहर के लिए महत्वाकांक्षी योजना अब अधर में लटक गई है।

केंद्र सरकार के शहरी विकास विभाग मंत्रालय से निदेशक शहरी विकास विभाग हिमाचल प्रदेश और नगर निगम शिमला को आए पत्र में इसकी पुष्टि हुई है।

शहरी विकास विभाग विभाग ने आईपीएच द्वारा बनाई गई रिवाइज डीपीआर को मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा था।

लोगों को 24 घंटे मिलना था पानी

वाटर एंड सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत शहरवासियों को 24 घंटे पानी की आपूर्ति मुहैया करवाने और घरों को सीवरेज सिस्टम से जोड़ा जाना है।

पंपिंग स्टेशनों की मशीनरी बदलने से लेकर शहर में बिछी पुरानी पाइपों को बदलने का भी इसके तहत प्रावधान है।

शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा है कि जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत वाटर एंड सीवरेज प्रोजेक्ट शहर के लिए बहुत ही महत्वाकांक्षी है।

सभी पक्षों को ध्यान में रखने के चलते और योजना का उम्दा प्रारूप बनाने के चलते डीपीआर भेजने में देरी हुई है। रिवाइज डीपीआर को मंजूर करवाने के लिए मामला केंद्रीय मंत्रालय से उठाया जाएगा।
विज्ञापन

दो साल में 87 करोड़ रुपये बढ़ गया बजट

रिवाइज डीपीआर बनाते समय जनता को चौबीस घंटे पीने का पानी देने के प्रोजेक्ट का बजट 64.57 करोड़ बढ़ा।

आईपीएच ने बजट 72.36 करोड़ से बढ़कर 136.93 करोड़ दर्शाया। वहीं सीवरेज कनेक्टिविटी से छूट चुके क्षेत्रों तक लाइनें बिछाने और मिसिंग लिंक को जोड़ने वाले सीवरेज नेटवर्क प्रोजेक्ट का बजट 22.8 करोड़ बढ़ा।

रिवाइज डीपीआर में बजट 147.55 करोड़ से बढ़कर 170.35 करोड़ हो गया। नगर निगम ने साल 2009 में सबसे पहले यह प्रोजेक्ट तैयार किया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें