खालसा साजना दिवस (बैसाखी) के अवसर पर पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं पर केंद्रीय जांच एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं। केंद्र ने बैसाखी पर श्री पंजा साहिब के कार्यक्रमों में हिमाचल से शामिल होने वाले श्रद्धालुओं का ब्योरा मांगा है। इसको लेकर हिमाचल पुलिस अलर्ट हो गई है। प्रदेश के हर शहर से इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। शिमला पुलिस ने भी शहर के गुरुद्वारों से रिपोर्ट मांगी है। शहर के बालूगंज, न्यू शिमला, छोटा शिमला, सदर और ढली थाना क्षेत्र के करीब दस गुरुद्वारे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने इनमें जाकर बैसाखी पर पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं की एक प्रपत्र पर रिपोर्ट ले रही है।
बाकायदा, एक प्रपत्र पर श्रद्धालुओं का नाम, पता, निवासी और जाने की तिथि दर्ज हो रही है। दरअसल, पुलिस को शक है कि तीर्थ यात्रियों के जत्था में शामिल होकर फरार खालिस्तान समर्थक और वारिस पंजाब दे संगठन के अमृत पाल पाकिस्तान जाने की तैयारी में है। अब अमृतपाल को पकड़ने के लिए केंद्र के निर्देश के बाद पुलिस से ब्योरा मांगकर सिख श्रद्धालुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। इसलिए हिमाचल में भी अलर्ट जारी किया गया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में सिख समुदाय के कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे हैं। जहां जाने के लिए हर सिख के मन की इच्छा होती है।
अमृतपाल ने वीडियो जारी कर पुलिस को दी है चुनौती
फरारी के 12 वें दिन 29 मार्च को अमृतपाल सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से बैसाखी पर सरबत खालसा बुलाने को लेकर एक वीडियो वायरल जारी किया था। इसमें देश-विदेश की सिख संगत बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की थी। कहा था वहीं पर कौम के मुद्दों पर चर्चा होगी। सरबत खालसा में देश-विदेश की सभी सिख संस्थाएं हिस्सा लेती हैं। इसके बाद से ही हिमाचल पुलिस भी अलर्ट पर है।