केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की छोड़ी गई सड़कों का ब्योरा तलब किया है। केंद्र के ध्यान में यह गंभीर मामला भी आया है कि राज्य सरकारों ने योजना की सड़कों को छोड़ने के लिए प्रस्ताव भेजे हैं। विभिन्न कारणों से पीएमजीएसवाई के तहत बनने वाली ग्रामीण सड़कों का निर्माण कार्य लटका है।
केंद्र ने पीएमजीएसवाई की सड़कों के संबंध में 11 दिसंबर तक विस्तृत ब्योरा देने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव अलका उपाध्याय ने एक पत्र हिमाचल सहित सभी राज्यों के प्रधान सचिवों को भेजा है। इसमें केंद्र के
ध्यान में यह मामला आया है कि राज्यों की सरकारों ने यह मामला उठाया है कि विभिन्न कारणों से पीएमजीएसवाई की सड़कें बनाने का लक्ष्य हासिल नहीं हो पा रहा है। राज्यों को कुछ सड़कों को योजना से बाहर करना पड़ा है। संयुक्त सचिव ने कहा है कि केंद्र के पास पीएमजीएसवाई की सड़कों के संबंध में 11 दिसंबर तक विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। जानकारी मांगी है कि कितनी सड़कें नहीं बनाने के मामले मंत्रालय के पास भेेजे हैं।
इनके न बनने से कितनी लंबी सड़कें प्रभावित हैं। इनके न बनने से कितने गांव प्रभावित होंगे। साथ ही मंत्रालय से एक परफार्मा तैयार कर राज्यों को भेजे हैं। इसे भरकर जानकारी देने को कहा गया है। एक हजार, पांच सौ, 250 और सौ से 249 तक की आबादी वाले कितने गांव नहीं जुड़े पाए। राज्य योजना के तहत कितने गांव जुड़े हैं। कितने गांव योजना का लाभ लेने के लिए योग्य थे। कितने गांव योग्य थे और फिर भी सड़कें नहीं बन पाईं।