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सीबीएसई पेपर लीक: फिरोजपुर से पंचकूला, फिर दिल्ली पहुंचा पेपर

Sat, 14 Apr 2018 01:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, ऊना
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हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना से लीक हुआ सीबीएसई का दसवीं कक्षा का प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के जरिये ऊना से सबसे पहले फिरोजपुर और वहां से पंचकूला तथा बाद में दिल्ली पहुंचा। इसी दौरान यह प्रति व्हाट्सएप पर वायरल हो गई।

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मामले के मुख्य आरोपी पीजीटी राकेश शर्मा ने जमा दो और दसवीं दोनों कक्षाओं के पेपर बैंक से निकालने के बाद इसकी एक छात्र के माध्यम से हस्तलिखित प्रति तैयार करवाई। उसके बाद उसने यह पेपर फिरोजपुर स्थित रिश्ते में भाभी मंजु बाला (बदला हुआ नाम) को भेजा।

जांच में सामने आया है कि मंजु बाला ने सीबीएसई में अपनी कथित पहुंच का हवाला देते हुए राकेश को जल्द प्रिंसिपल पदोन्नत करने का वादा किया था। इसकी एवज में उसने राकेश से प्रश्नपत्र लीक करने को कहा।

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राकेश और उसकी भाभी दोनों हैं मास्टर माइंड

माना जा रहा है कि राकेश और उसकी भाभी दोनों ही इस प्रकरण के मास्टर माइंड हैं। मामले में गिरफ्तार हुई राकेश की भाभी का आखिर प्रश्नपत्र मंगवाने का क्या मकसद था? क्या वह अपने किसी रिश्तेदार छात्र को लाभ पहुंचाना चाहती थी या फिर इसके पीछे किसी तरह का लेन-देन चलता था?

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस दृष्टि से भी मामले को संवेदनशील मानकर जांच कर रही है। जांच में अभी तक सामने आया है कि मंजु बाला ने पेपर की कॉपी पंचकूला स्थित अपनी बहन को भेजी। उसके बाद उक्त महिला ने इसे दिल्ली पश्चिम बिहार स्थित अपने एक संपर्क में इसे भेजा। इसी दौरान यह मैसेज देश भर में वायरल हो गया।

एसआईटी ने मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू की है। सूत्र बताते हैं कि और भी तीन से चार लोग ऊना में एसआईटी की रडार पर हैं। इसको लेकर क्राइम ब्रांच की टीम कभी भी ऊना में फिर से दबिश दे सकती है। टीम की संभावित दबिश को लेकर मामले से जड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है।
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स्कूल को सीबीएसई का नोटिस, पूछा- क्यों न रद्द की जाए मान्यता

सीमा शर्मा, नई दिल्ली। सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं कक्षा के पेपर लीक मामले में ऊना के डीएवी सेंटेनरी स्कूल और दिल्ली के मदर खजानी कॉन्वेंट स्कूल को कारण बताओ नोटिस भेजा है। बोर्ड ने नोटिस में उक्त दोनों स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा है कि क्यों न इस मामले को लेकर आपकी मान्यता रद्द कर दी जाए।

सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, बोर्ड परीक्षाएं सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों में ही आयोजित की जाती है, जिसमें स्कूल प्रबंधन की भी जिम्मेदारी होती है कि वे ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्ती बरतें।

हालांकि उक्त दोनों स्कूलों के शिक्षक ही 10वीं और 12वीं कक्षा के पेपर लीक मामले में शामिल रहे हैं, जबकि दोनों स्कूलों के प्रबंधन बोर्ड परीक्षाओं के पेपर सुरक्षित रखने में नाकाम हुए। मामले की जानकारी के बाद भी उचित कार्रवाई नहीं की गई। इसी के तहत उक्त दोनों स्कूल प्रबंधन को यह कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।  

बोर्ड की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के तहत पंद्रह दिन में उक्त स्कूल प्रबंधन को अपना जवाब भेजना होगा। इसी के आधार पर आगे बोर्ड स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई करेगा।
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