फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रात 3:30 बजे तक सीएम वीरभद्र का घर खंगालती रही सीबीआई

विज्ञापन
विज्ञापन
आय से अधिक संपत्ति मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी आवास को 20 घंटे तक खंगालने के बाद सीबीआई की टीम शनिवार देर रात बाद 3.37 बजे दिल्ली रवाना हो गई। शनिवार सुबह 7.45 बजे पहुंचीं सीबीआई टीम देर रात तक मुख्यमंत्री के आवास पर छानबीन करती रही। छापेमारी के दौरान सीबीआई ने शिमला, रामपुर, मंडी, परवाणू में सीएम की संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों को गहराई से खंगाला।
विज्ञापन


पूरी छानबीन के बाद सीबीआई की टीम अपने साथ एलआईसी बांड, बैंक खाता बुक, लैपटॉप, पेन ड्राइव, क्रेडिट और डेविट कार्ड, कुछ विदेशी सिक्के और अन्य जरूरी कागजात साथ ले गई है। वीरभद्र सिंह के नजदीकी तीन अधिकारियों, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान, कारोबारी दुनीचंद के ठिकानों से कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। हालांकि, रामपुर गई टीम थकी होने के चलते अभी शिमला के एक होटल में रुकी हुई है।

रात भर सो नहीं पाए वीरभद्र सिंह

वीरभद्र सिंह के घर और अन्य ठिकानों पर एक साथ छापामारी के लिए सीबीआई की अलग-अलग टीमें शुक्रवार शाम को ही शिमला पहुंच गई थीं। इन टीमों ने शनिवार सुबह सात बजे के बाद एक साथ अलग-अलग जगह दस्तक दी। वीरभद्र सिंह, उनके परिवार और उनकी संपत्ति से जुडे़ तमाम आरोपियों के ठिकानों पर छापामारी की गई। आय से अधिक संपत्ति के सबूत जुटाए गए। सीएम के निजी निवास हॉली लॉज में बंद कमरे में छोटी से छोटी चीज का आकलन किया।

बताया जा रहा है कि वीरभद्र सिंह की ओर से दर्शायी संपत्ति से दिल्ली में इसका मिलान किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि जब तक सीबीआई की टीम दिल्ली रवाना नहीं हुई तब तक वीरभद्र सिंह सो नहीं पाए। वे बेडरूम में तो समय पर चले गए थे लेकिन सेलफोन और लैंडलाइन फोन घन घनाते रहे। सीबीआई टीम की फोन कॉल्स और उनकी चहल-पहल से भी सबकी नींद उड़ी हुई थी।

सीएम के बयान दर्ज कराने को हेड क्वार्टर बुला सकती है सीबीआई

नई दिल्‍ली। आय से अधिक संपत्ति मामले में बीते शनिवार को सीबीआई की छापेमारी का सामना करने वाले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके परिवार की परेशानी बढ़ने वाली है। सीबीआई जल्द ही वीरभद्र, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, बेटी अपराजिता सिंह, बेटे विक्रमादित्य सिंह और एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहेगी। माना जा रहा है कि बयान दर्ज कराने के लिए इन्हें दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय तलब किया जा सकता है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक शनिवार को छापे के दौरान उसे आय से अधिक संपत्ति के पुख्ता और अकाट्य सबूत मिले हैं।

इस दौरान जब्त की गई राशि और दस्तावेज के संदर्भ में वीरभद्र और उनके परिवार के सदस्यों से जानकारी हासिल की जाएगी। मालूम हो कि शनिवार को सीबीआई की कई टीमों ने वीरभद्र के दिल्ली और शिमला स्थित 11 ठिकानों पर 20 घंटे तक छानबीन की। शनिवार को ही वीरभद्र की बेटी मीनाक्षी सिंह की शादी होने से इस मामले में सियासी विवाद भी खड़ा हुआ। कांग्रेस ने जहां इसे बदले की राजनीति बताया, वहीं भाजपा ने सीबीआई की कार्रवाई को जायज करार देते हुए वीरभद्र के इस्तीफे की मांग की।

जांच में मिले हैं अहम सुबूत

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक छापेमारी में आय से अधिक संपत्ति से जुड़े कई अहम सुबूत उसके हाथ लगे हैं। जब्त किए गए लैपटॉप और अन्य दस्तावेजों का सीबीआई की टीम रविवार को दिन भर अध्ययन करती रही। दस्तावेज में कई अचल संपत्तियों का भी खुलासा होना है, जिसके लिए पूछताछ जरूरी है।

चूंकि, वीरभद्र और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ पहले मामला दर्ज किया जा चुका है, इसलिए अगली कड़ी में उनका बयान दर्ज किया जाएगा। मालूम हो कि केंद्रीय मंत्री रहते वीरभद्र ने 6.1 करोड़ रुपये अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम किए थे। सीबीआई का कहना है कि यह रकम उनके ज्ञात स्रोतों से मेल नहीं खाता।

भाजपा ने इस्तीफा मांगा, कांग्रेस का इंकार- रविवार को सीबीआई टीमों के लौटने के बाद प्रदेश भर में खूब गहमागहमी रही। भाजपा ने सीएम का इस्तीफा मांगते हुए जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किए तो कांग्रेसियों ने मोदी के पुतले फूंके। कांग्रेसियों ने इसे मोदी सरकार का राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया।

वीरभद्र मामले में भाजपा ने राहुल को घेरा

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई के छापे को जहां कांग्रेस सियासी बदला बता रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि सीबीआई की कार्रवाई मोदी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का एक और उदाहरण है। रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने एक ओर जहां वीरभद्र से इस्तीफे की मांग की।

वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से पूछा कि इस भ्रष्टाचार में उनकी पार्टी को कितना कमीशन मिला। शर्मा ने वीरभद्र के खिलाफ मामला दर्ज होने के बावजूद उनके पद पर बने रहने पर सवाल उठाया और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को पनाह देने का भी आरोप लगाया।
विज्ञापन

तीन साल में लाखों से करोड़ों में कैसे बदल गई संपत्ति

उन्होंने कहा कि छापेमारी का विरोध कर कांग्रेस पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार पर परदा डालना चाहती है। सीबीआई की कार्रवाई का समर्थन करते हुए शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता वीरभद्र ने अपने पद का दुरुपयोग कर घोटालों को अंजाम दिया और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है।

वीरभद्र और उनके परिवार की कथित कृषि आय मात्र तीन साल में बढ़कर 47.35 लाख रुपये से बढ़कर 6.56 करोड़ रुपये हो गई है। यह तथ्य आयकर विभाग के शिमला और चंडीगढ़ आयुक्तों की जांच में सामने आया था। शर्मा ने कहा कि अगर वीरभद्र दोषी नहीं हैं तो उन्हें और कांग्रेस को सरकार पर आरोप लगाने के बदले सीबीआई की जांच में सहयोग करना चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें