फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत की जांच में जुटी सीबीआई हत्या-आत्महत्या की गुत्थी में उलझ गई है। कोर्ट के आदेश पर भले ही सीबीआई ने आत्महत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की हो लेकिन उसे अभी तक न तो हत्या और न ही आत्महत्या के लिए उकसाने का एक भी सबूत हाथ लगा है।
यही कारण है कि जिन आरोपियों को हिमाचल पुलिस ने जेल भेज दिया था उन्हें सीबीआई की अदालत से ही जमानत मिल गई। सूत्रों की मानें तो जहर खरीदने वाली दुकान के अलावा सुसाइड नोट हत्या के एंगल से जांच करने में बड़ा रोड़ा है। यही कारण है कि सीबीआई पहले सुसाइड नोट की सत्यता परखने में जुटी है।
चूंकि इस मामले में होशियार के तीन सुसाइड नोट बरामद हुए थे, ऐसे में आत्महत्या के लिए उकसाने की थ्योरी को उसी से साबित किया जाना था।
सूत्रों का कहना है कि सुसाइड नोट की लिखाई की जांच कराई जा रही है ताकि हत्या के आरोपों को लेकर बनी उहापोह की स्थिति साफ हो सके। हालांकि उनका यह भी कहना है कि लिखाई अगर मिल जाती है तो भी सीबीआई उन आरोपियों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में भी गिरफ्तार नहीं कर सकते है।