इसी एफआईआर नंबर का उल्लेख सीबीआई को भेजी जाने वाली जांच के प्रोफार्मा में दिया जाता है, लेकिन हिमाचल के शिक्षा विभाग ने मामले में बिना एफआईआर दर्ज कराए ही गृह विभाग के जरिये सीबीआई को जांच की सिफारिश कर दी। हाल यह है कि पिछले दो हफ्ते के दौरान गृह और शिक्षा विभाग एफआईआर को लेकर निर्णय नहीं कर पाए हैं।
सूत्रों के अनुसार गृह विभाग ने शिक्षा विभाग को एफआईआर नंबर उपलब्ध कराने को कहा है, लेकिन शिक्षा विभाग यह निर्णय नहीं कर पा रहा कि एफआईआर कौन कराएगा। इसके बाद सीबीआई के फाइल लौटाने पर अब मामला अधर में लटक गया है।