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केंद्र सरकार ने भी बैठाई छात्रवृत्ति घोटाले पर जांच, हिमाचल सरकार ने सीबीआई को भेजी फाइल

Mon, 19 Nov 2018 10:04 AM IST
ब्यूरो/एजेंसी, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले की केंद्र सरकार ने भी अलग से जांच शुरू कर दी है। निजी शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दिखा कर करोड़ों की छात्रवृत्ति हड़पने के इस मामले में हिमाचल और पंजाब को आधार बनाकर अन्य राज्यों से भी रिपोर्ट ली जा रही है। शिक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में सूबे में करीब 250 करोड़ का घोटाले होने की बात सामने आ रही है।

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केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री विजय सांपला ने कहा है कि दसवीं के बाद अनुसूचित जाति, जनजाति  और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति पूरे देश में दी जा रही है। जिस तरह से हिमाचल, पंजाब में गड़बड़झाला सामने आया है, वैसी स्थिति अन्य राज्यों में भी हो सकती है। ऐसे में केंद्र सरकार पूरे देश में इसकी पड़ताल करेगी। सांपला ने कहा कि उनके गृह राज्य पंजाब में 450 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाले रिपोर्ट किया गया है।

भविष्य में सरकार छात्रवृत्ति को आधार से लिंक बैंक खातों में ही डालेगी। इसके अलावा विद्यार्थियों की स्कूलों में हाजिरी भी देखेगी। उधर पुलिस में एफआईआर दर्ज होते ही प्रदेश सरकार ने दस्तावेजों के साथ छात्रवृत्ति घोटाले की फाइल सीबीआई को भेज दी है। सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी।
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सीबीआई ने सरकार के पत्र के जवाब में गृह विभाग को एक प्रोफार्मा भेज जानकारी उपलब्ध करवाने को कहा। सीबीआई से मिले प्रोफार्मा में राज्य की ओर से दर्ज एफआईआर का नंबर भी देना था, लिहाजा दो दिन पहले शिक्षा विभाग ने छोटा शिमला थाने में एफआईआर दर्ज करवाकर फाइल गृह विभाग को भेज दी।

अब गृह विभाग ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ इस छात्रवृत्ति घोटाले की फाइल सीबीआई को भेज दी है। सीबीआई की जांच शुरू होने पर करोड़ों के इस गड़बड़झाले में संबंधित महकमों के अधिकारी और कर्मचारी भी नप सकते हैं।

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हिमाचल ही नहीं, देश भर में छात्रवृत्ति घोटाले की आशंका

निजी शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दर्शाकर करोड़ों का छात्रवृत्ति घोटाला हिमाचल तक सीमित नहीं है। यह बड़ा घोटाला है। देश भर में ऐसे घोटाले होने की आशंका है। इसी लिए प्रदेश सरकार 270 करोड़ के इस घोटाले की जांच सीबीआई से करवा रही है। जल्द ही यह मामला पूरी तरह सीबीआई के सुपुर्द कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह बात श्री अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेले के शुभारंभ के मौके पर पत्रकारवार्ता में कही। पांवटा साहिब में हुए लगभग 6000 करोड़ रुपये के इंडियन टेक्नोमैक घोटाले की जांच पर संतुष्टि जताते हुए उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेणुका तीर्थ को वन्य प्राणी क्षेत्र से अलग करने के लिए प्रपोजल बनाया जाएगा। रेणुका बांध की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। जल्द केंद्र से बांध निर्माण के लिए राशि मांगी जाएगी।

जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक लाभ लेने के कई घोषणाएं की थीं। बिना बजट प्रावधान कई संस्थान खोल दिए। लोकसभा चुनाव पर सीएम ने कहा कि इस बार भी 2014 का इतिहास दोहराया जाएगा। प्रदेश की सभी सीटें भाजपा जीतेगी।
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