कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई के बाद सीबीआई को तीन माह में इस मामले की जांच पूरी करने के आदेश दिए। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बंद लिफाफे में मामले से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट पेश की।
इस स्टेटस रिपोर्ट के अवलोकन के बाद अदालत ने पाया कि सीबीआई सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जांच को पूरा करने के लिए मांगा गया वक्त दिया जाना जरूरी है। मामले पर अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी।
सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में राज्य सरकार की ओर से समुचित सहयोग नहीं मिलने का मामला भी उठाया। अधिवक्ता अंशुल बंसल ने बताया कि हिमाचल हाईकोर्ट से आग्रह किया गया कि सीबीआई को जो सुविधाएं मुहैया की गईं थीं, उन्हें पिछले माह सरकार ने वापस ले लिया।
सीबीआई से कमरे खाली करवा लिए गए। इंटरनेट सुविधा भी बंद कर दी गई, जबकि उच्च न्यायालय ने ही राज्य सरकार को सीबीआई का सहयोग करने को कहा है। इन सुविधाओं को बहाल किया जाए।