तकनीकी विवि ने रिकॉर्ड की स्क्रूटनी करने के लिए बाकायदा एक अधिकारी को जिम्मा सौंपा है। जिनकी देखरेख में सारा कार्य किया जा रहा है। अब केंद्रीय जांच एजेंसी रिकॉर्ड का अवलोकन करेगी।
इसके बाद ही मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सीबीआई की जांच में पता चला है कि निजी शिक्षण संस्थानों ने मृतक बच्चों के नाम से भी छात्रवृत्ति हड़प ली।
इसमें ऊना के एक निजी संस्थान में दो ऐसे बच्चों के मामले सामने आए हैं, जिन्होंने विभिन्न ट्रेड में डिप्लोमा करने के लिए आवेदन किया था। मगर इसके बाद विभिन्न कारणों से उनकी मौत हो गई। लेकिन, संस्थान इनके नाम पर फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति हड़पता रहा।