सीबीआई ने फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी पाने वाले आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। आरोपी को शिमला तलब कर तमिलनाडु स्कूल बोर्ड से प्रमाण पत्र का रिकॉर्ड मांगा गया है। आरोपी कुंदन कुमार बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चंब का रहने वाला है। आरोपी ने तमिलनाडु स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एग्जामिनेशन के नाम से 10वीं का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर बिलासपुर में ग्रामीण डाक सेवक की नौकरी हासिल कर ली। आरोपी की 2021 में ग्रामीण डाक सेवक पद पर तैनाती हुई। दो साल तक वह नौकरी करता रहा।
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इस दौरान आरोपी को करीब तीन लाख से ज्यादा वेतन जारी हुआ है। पता चलने के बाद सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। डाक विभाग ने वर्ष 2020 में ग्रामीण डाक सेवकों के पदों के लिए भर्ती आयोजित की थी। मैट्रिक के अंकों की मेरिट के आधार पर ग्रामीण डाक सेवक का चयन किया गया। जब डाक सेवक कुंदन कुमार के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तो वे जाली पाए गए। मेरिट में बने रहने के लिए शातिर ने 2 विषयों को छोड़ अन्य सभी में 90 से अधिक अंक मार्कशीट में दर्शाए थे। सीबीआई को अंदेशा है कि इस मामले में गिरोह की संलिप्तता हो सकती है।