हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में लहसुन स्कैब रोग की चपेट में आ गया है। किसानों के मुताबिक करीब 1500 से 2000 बीघा में फसल को नुकसान हुआ है।किसानों ने खून-पसीने की कड़ी मेहनत से बीजी लहसुन को स्कैब से बचाने के लिए स्प्रे किया व दवाइयां डालीं मगर कोई राहत नहीं मिली है।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में नकदी फसल लहसुन स्कैब रोग की वजह से बर्बाद हो रहा है। इससे खेतों में लहुसन की फसल तबाह हो रही है। जिले की रघुपुरघाटी में स्कैब रोग फैलने से किसानों को लाखों का नुकसान हो गया है। अभी लहसुन को खेतों से निकालने के लिए एक माह का समय बचा है। मगर इससे पहले स्कैब रोग फैलने से लहसुन की खेती पूरी तरह से सड़ कर खराब हो गई है। किसानों के मुताबिक करीब 1500 से 2000 बीघा में फसल को नुकसान हुआ है। किसानों ने खून-पसीने की कड़ी मेहनत से बीजी लहसुन को स्कैब से बचाने के लिए स्प्रे किया व दवाइयां डालीं मगर कोई राहत नहीं मिली है।
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झाकडूपानी गांव के किसान केसर सिंह, बनाला के किशोरी लाल, धर्म सिंह, सुनील ठाकुर, फनौटी के खेम राम, जुहड़ निवासी पदम सिंह राठौर ने कहा कि सेब के बाद लहसुन की खेती घाटी के किसानों की आर्थिक की रीढ़ है और किसान 20 सालों से इसकी बिजाई कर रहे है। मगर इस तरह से फसल बीमारी की चपेट में आए तो किसानों का मनोबल पूरी तरह से टूट जाता है। कहा कि कुछ साल पहले भी स्कैब रोग लगने से लहसुन की खेती पूरी तरह से सड़ कर खराब हो गई थी। उन्होंने कृषि विभाग के विशेषज्ञों से रघुपुरघाटी का दौरा कर शेष बची फसल को बचाने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई तो किसानों की पूरी फसल तरह तबाह हो जाएगी।
80 फीसदी तक फसल खराब
रघुपुर घाटी में लहसुन की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। फनौटी पंचायत के जुहड़, झााकडूपानी, दपांदा, फनौटी, निचली फनौटी, बनाला, लोट के साथ करशैईगाड़ और लगौटी पंचायत में भी असर पड़ा है। इन गांवों में 50 से 80 फीसदी तक खराब हुई है।
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इस को लेकर संबंधित एसएमएस से रिपोर्ट मांगी जाएगी। किसानों को नुकसान न हो इसको लेकर कृषि विभाग के विशेषज्ञों की टीम किसानों के खेतों में जाकर जांच करेंगे। उन्होंने किसानों से विशेषज्ञों की सलाह पर ही दवाईयों का इस्तेमाल करने की हिदायत दी है- डॉ. सुशील शर्मा, उपनिदेशक कृषि विभाग, कुल्लू