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Shimla News: धमकियों के मामलों को सुलझाने में पुलिस लाचार

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डेढ़ साल से लगातार सामने आ रहे हैं मामले
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साइबर विशेषज्ञों की मदद से भी नहीं सुलझे मामले

पहचान छिपाने के लिए विदेशी वीपीएन नंबर कर रहे इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पिछले डेढ़ साल से सरकारी संस्थाओं और शिमला के स्कूलों को ईमेल पर बम से उड़ाने की कई धमकियां मिल चुकी हैं लेकिन ज्यादातर मामलों को पुलिस और सीआईडी सुलझाने में कामयाब नहीं हो पाई है। इस वजह से आए दिन आरोपी ईमेल से धमकियां देकर लोगों में डर का माहौल बनाने में कामयाब हो रहे हैं।
हर बार धमकी आने के बाद पुलिस आनन-फानन में परिसरों को खाली करवाने के बाद तलाशी अभियान चलाती है और इसके बाद कहा जाता है कि पूरा मामला झूठा निकला है। इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाती हैं और आरोपियों को जल्द पकड़ने का दावा किया जाता है लेकिन किसी भी मामले में पुलिस की टीम आरोपियों को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई है। पुलिस की जांच में आरोपियों की ओर से विदेशी (वीपीएन) वर्चुअल प्राइवेट नंबरों का इस्तेमाल किया जाता है जिस तक पहुंचना काफी मुश्किल होता है।
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यही वजह है कि धमकी देने वालों के हौसले बुलंद हैं और इस तरह की धमकियों से शहरवासी, स्कूलों के बच्चे और सरकारी संस्थाओं में कार्यरत लोगों में असुरक्षा की भावना रहती है हालांकि किसी भी धमकी के बाद ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। इसके बावजूद आरोपियों तक नहीं पहुंच पाना जांच एजेंसियों की कार्य क्षमता पर कई सवाल खड़े कर रहा है। वर्ष 2025 के अप्रैल में मुख्य सचिव कार्यालय को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद यहां सुरक्षा बढ़ा दी गई और बम निरोधक दस्ते ने परिसर में चप्पे-चप्पे की तलाशी ली, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसी महीने मंडी उपायुक्त कार्यालय को भी ईमेल के जरिये धमकी मिली। इससे हड़कंप की स्थिति बन गई। इसके बाद जिला अदालतों को भी इसी तरह से धमकी भरे ईमेल मिले।
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अभी तक के मामलों की जांच में सामने आया है कि आरोपी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के अलावा फेक ईमेल आईडी और विदेशी ईमेल सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। जांच में साइबर विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है और सीआईडी जैसी प्रतिष्ठित जांच एजेंसी भी कई मामलों की जांच कर रही है। इसके बावजूद आरोपियों के ईमेल भेजकर सनसनी फैलाने वालों को पकड़ा नहीं जा सका है। प्रदेश में सिर्फ जिला कुल्लू के उपायुक्त कार्यालय को मिली धमकी के मामले में स्थानीय पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा प्रदेश में किसी भी मामले में पुलिस और खुफिया एजेंसियां आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई हैं।
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