आईजीएमसी और डीडीयू में हर रोज आ रहे हैं 50 मामले, मेडिसिन ओपीडी के बाहर लग रही मरीजों की लंबी कतारें
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चिकित्सकों की हिदायत ठंड बचें, पानी ऊबालकर पीएं अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मौसम में हो रहे बदलाव के बाद राजधानी शिमला समेत आसपास के क्षेत्रों में लोग जुकाम-बुखार की चपेट में आ रहे हैं। शहर के दो बड़े अस्पतालों में हर रोज 50 से 60 मरीज रोजाना अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) समेत दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मेडिसिन ओपीडी के बाहर शुक्रवार को भी मरीजों की अधिक भीड़ लगी रही। पीड़ितों में खांसी, जुकाम, बुखार के लक्षण हैं। अधिक मामलों में वायरल की शुरुआत शरीर में थकावट और दर्द होने के बाद हो रही है। ऐसा होने के बाद मरीजों में तेज बुखार जो 102 से 103 डिग्री तक पहुंच रहा है। बुखार ठीक होने में करीब एक सप्ताह में लग रहा है। वहीं दूसरी ओर चिकित्सक बरसात में मामले आने के कारण डायरिया, पीलिया और अन्य खून की जांचें भी करवा रहे हैं ताकि समय पर बीमारी का पता लगाया जा सके। दोनों बड़े अस्पतालों की मेडिसिन ओपीडी में पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके लिए अस्पतालों की प्रयोगशाला में भी लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। चिकित्सकों ने आग्रह किया है कि वायरल के लक्षण आने पर लापरवाही न बरतें तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। चिकित्सकों ने लोगों से पानी उबालकर पीने का आग्रह किया है ताकि जलजनित बीमारियों से बचा जा सके।
वायरल के लक्षण शरीर में थकान, दर्द, तेज बुखार, गले में दर्द, सिर दर्द, खांसी और जुकाम वायरल के मुख्य लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल में जाकर चेकअप करवाएं।
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वायरल से ऐसे करें बचाव
पानी को उबालकर पिएं, बारिशों में आसपास सफाई का ध्यान रखें, वायरल पीड़ित से हाथ मिलाने से बचें, हाथों को धोते रहें, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, खांसते और छींकते समय मुंह को रुमाल ढकें और संतुलित आहार लें।
मौसम में बार-बार बदलाव होने से लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं। लोगों से आग्रह है कि बरसात में अपना ध्यान रखें और संतुलित आहार का प्रयोग करें। बारिश में भीगने से बचें ताकि वायरल न हो। इसी के साथ वायरल के लक्षण आने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।