बाजारों से तहबाजारियों को हटाने का चल रहा विवाद अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम शिमला के महापौर के कार्यालय में घुसकर अभद्र व्यवहार करने, अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने और धमकी देने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इसमें तहबाजारी यूनियन के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल की शिकायत पर सदर थाना शिमला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला को शिकायत सौंपी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तहबाजारी से जुड़े कुछ लोग 15 अक्तूबर को महापौर के कार्यालय कक्ष में घुस आए और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि इस दौरान अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने के साथ अनुचित व्यवहार भी किया गया। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की घटनाओं से नगर निगम कार्यालय की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं। आयुक्त ने मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया था। उन्होंने यह भी कहा कि महापौर के कार्यालय में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना जरूरी है, ताकि कार्यालय में शांतिपूर्ण माहौल बना रहे। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम प्रशासन ने पुलिस से सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग भी की है।
प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के तहत नगर निगम शिमला ने लोअर बाजार और लक्कड़ बाजार क्षेत्रों को नो वेंडिंग जोन घोषित कर तहबाजारियों को आजीविका भवन में स्थानांतरित करने का फैसला लिया है। इसके बाद से नगर निगम बाजारों से तहबाजारियों को हटाने की कार्रवाई कर रहा है। इसे लेकर पिछले कुछ दिनों से नगर निगम और तहबाजारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। तहबाजारी नगर निगम की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, जबकि नगर निगम प्रशासन हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए कार्रवाई कर रहा है। पुलिस ने सदर थाना शिमला में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, प्राथमिकी में फिलहाल किसी का नाम दर्ज नहीं है। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी थी।