कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने हिमाचल में भांग की खेती को वैध करने की पैरवी की है। हाल ही में विदेश दौरे से लौटे मंत्री ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वहां पर आम दुकानों की तरह ही चरस (भांग) की दुकानें हैं। लेकिन उनमें नशे जैसी कोई चीज नहीं है। दुनिया के विकसित देशों ने भांग की खेती को वैध किया हुआ है।
भांग से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के लिए दवाइयां बनाई जाती हैं। भांग का प्रयोग नशे के लिहाज से बिलकुल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुल्लू से पूर्व सांसद महेश्वर सिंह और विधायक सुंदर सिंह ठाकुर भी कई बार भांग की खेती को वैध करने की मांग कर चुके हैं। लेकिन उनकी बात को नहीं सुना गया। अब मैं भी कह रहा हूं कि भांग की खेती वैध होनी चाहिए।