प्रदेश भर में पुलिस विभाग में महिला, पुरुष कांस्टेबलों के पदों के लिए ऑनलाइन हुई भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। भर्ती के आवेदन के दौरान जिन लोगों के बैंक अकाउंट से फीस कटी है और उन्हें एडमिट कार्ड नहीं मिले हैं, वे आवेदन शुल्क के तौर पर जमा करवाए गए 140 और 35 रुपये का हिसाब मांग रहे हैं।
कुछ युवाओं ने सूचना के अधिकार में जानकारी हासिल करनी चाही है, लेकिन पुलिस विभाग उन्हें जानकारी मुहैया करवाने के बजाय कभी शिमला तो कभी धर्मशाला में संपर्क करने के लिए लगातार पत्राचार कर रही है। जानकारी के अनुसार पुलिस भर्ती के लिए जितेंद्र कुमार पुत्र रतन चंद, निवासी हटली, कांगड़ा ने भी आवेदन किया था। उसने सभी औपचारिकताएं पूरी की थी और आवेदन शुल्क के रूप में फीस भी जमा करवाई थी।
यह उसके बैंक अकाउंट से कटी है। बावजूद उसे एडमिट कार्ड जारी नहीं किया गया और उसका नाम उस सूची में डाल दिया गया, जिन अभ्यर्थियों की फीस पुलिस विभाग को प्राप्त नहीं हुई थी। इस पर जितेंद्र कुमार ने सूचना के अधिकार में उसके बैंक अकाउंट से कटी फीस बारे जानना चाहा और इसके लिए आरटीआई डाली। लेकिन पुलिस विभाग उसे सूचना मुहैया करवाने के बजाय कभी शिमला तो कभी धर्मशाला मुख्यालय में सूचना देने के लिए संपर्क करने को कह रहा है, जिसके चलते अब यह भर्ती प्रक्रिया और अधिक सवालों के घेरे में आ गई है।
फीस संबंधित कई आरटीआई के लिए कई आवेदन आ रहे हैं। पुलिस भर्ती की सारी प्रक्रिया मुख्यालय से ही हुई थी। इसलिए सभी आवेदनों को शिमला भेजा जा रहा है।
- दिनेश कुमार, जनसूचना अधिकारी और एएसपी, कांगड़ा